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सिंभावली में तेंदुए की दस्तक से खेतों की चौकसी बढ़ी, गन्ने की कटाई से पहले ग्रामीणों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती

सिंभावली (हापुड़)। गन्ने के खेतों में खड़ी फसल अब सिर्फ किसानों की मेहनत और आगामी कटाई की उम्मीद का केंद्र नहीं रही, बल्कि वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों की चिंता का कारण भी बनती जा रही है। सिंभावली क्षेत्र में नवादा नहर पुल के आसपास तेंदुआ दिखाई देने का दावा और उससे जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद गांवों में सतर्कता का माहौल है। सबसे अहम बात यह है कि गन्ने की कटाई का समय नजदीक है और आने वाले दिनों में खेतों के भीतर किसानों तथा श्रमिकों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में वन विभाग की निगरानी और समय रहते वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण हो गया है।

नहर पटरी पर अचानक दिखा वन्यजीव, कार सवार ने कैमरे में दर्ज किया दृश्य

दतियाना गांव निवासी नाजिम के मुताबिक, बुधवार को वह सिंभावली से अपने गांव लौट रहे थे। नवादा नहर पुल के समीप पहुंचने पर कार की रोशनी में सड़क के आसपास वन्यजीव दिखाई दिया। उन्होंने वाहन रोककर मोबाइल से वीडियो बनाया। नाजिम का दावा है कि इस दौरान वहां एक से अधिक तेंदुए दिखाई दिए। घटना के बाद वह मौके पर रुकने के बजाय वहां से निकल गए। बाद में संबंधित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद मामला ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

वीडियो ने बढ़ाई चिंता, लेकिन पुष्टि का इंतजार

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वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि पत्रकारिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वीडियो में दिखाई देने वाले वन्यजीव की पहचान और संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही मानी जाएगी। वन विभाग भी इसी आधार पर मामले की पड़ताल कर रहा है। यानी फिलहाल सामने आया वीडियो एक महत्वपूर्ण सुराग है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।

गन्ने की कटाई से पहले क्यों बढ़ी चिंता

सिंभावली का यह इलाका कृषि गतिविधियों से जुड़ा है और गन्ने की फसल के कारण खेतों में घनी वनस्पति बनी हुई है। कटाई के दौरान मजदूरों और किसानों को खेतों के भीतर जाना पड़ता है। यदि वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो खेत में काम करने वालों के सामने अचानक आमना-सामना होने का जोखिम बढ़ सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण अब केवल तेंदुए के दिखाई देने की घटना नहीं, बल्कि कटाई के पूरे मौसम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

पहले की घटनाओं ने भी बढ़ाई संवेदनशीलता

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सिंभावली क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर पहले भी सूचनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में नवादा कलां और फरीदपुर गोसाई के बीच एक बाइक सवार के सामने तेंदुआ आने और उसकी ओर झपटने की सूचना भी सामने आई थी। उस घटना के बाद भी ग्रामीणों ने निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की थी।

वन विभाग की जांच तय करेगी वीडियो की हकीकत

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वन विभाग के उपनिरीक्षक सचिन कुमार के अनुसार, वीडियो उपलब्ध होने के बाद उसकी जांच की जाएगी। विभागीय स्तर पर यह देखा जाएगा कि वीडियो वास्तविक है या नहीं और उसमें दिखाई दे रहा वन्यजीव तेंदुआ ही है या कोई अन्य जानवर। अधिकारियों के मुताबिक, यदि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दहशत से ज्यादा जरूरी है वैज्ञानिक निगरानी

वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना को लेकर ग्रामीणों में भय स्वाभाविक है, लेकिन बिना पुष्टि के अफवाहों को बढ़ावा देना किसी के हित में नहीं है। जरूरत इस बात की है कि नहर पटरी, खेतों से जुड़े रास्तों और आबादी के आसपास नियमित निगरानी की जाए तथा वन विभाग के स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। ग्रामीण भी तेंदुआ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने, पीछा करने अथवा भीड़ जुटाने से बचें।

कटाई शुरू होने से पहले व्यवस्था की परीक्षा

अब निगाह वन विभाग की जांच पर है। यदि वीडियो में दिखाई दे रहा वन्यजीव तेंदुआ होने की पुष्टि होती है तो खेतों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी होगा। क्योंकि गन्ने की कटाई शुरू होने के साथ खेतों में गतिविधियां बढ़ेंगी और उसी समय मानव तथा वन्यजीव के बीच टकराव की संभावना भी बढ़ सकती है। ऐसे में समय रहते सतर्कता, वैज्ञानिक निगरानी और ग्रामीणों के साथ प्रभावी समन्वय ही स्थिति को नियंत्रण में रखने का सबसे मजबूत आधार बन सकता है।