राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ : आबादी की गलियों में 12 फीट के अजगर की दस्तक, बाबूगढ़ में मचा हड़कंप
एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, वन विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद विशाल अजगर को दबोचा; 15 दिनों में तीन-चार घटनाओं की चर्चा
आबादी के बीच अजगर ने मचाई सनसनी
हापुड़ बाबूगढ़। जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ छावनी क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 में रविवार की शाम करीब 7:00 बजे अचानक उस समय सनसनी फैल गई, जब आबादी के बीच करीब 12 फीट लंबा विशाल अजगर दिखाई दिया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर नजर अजगर की गतिविधियों पर टिक गई। विशालकाय अजगर को रिहायशी इलाके में देखकर लोगों में खलबली मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने समझदारी दिखाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
स्थानीय लोगों से सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और कर्मचारी रवि कुमार के साथ रेस्क्यू टीम बाबूगढ़ छावनी के वार्ड नंबर-4 पहुंची। टीम ने मौके की स्थिति का आकलन करने के बाद भीड़ को नियंत्रित दूरी पर रहने के लिए कहा और अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू करने की कार्रवाई शुरू की। विशाल अजगर की मौजूदगी के कारण पूरा अभियान बेहद सतर्कता के साथ चलाया गया, क्योंकि जरा सी लापरवाही रेस्क्यू ऑपरेशन को मुश्किल बना सकती थी।
एक घंटे तक चला शिकंजा कसने का अभियान
करीब 12 फीट लंबे और ताकतवर अजगर को काबू करना रेस्क्यू टीम के लिए आसान नहीं था। टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद टीम ने आखिरकार अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भी लगातार कौतूहल और तनाव बना रहा। टीम की सतर्क रणनीति और लगातार प्रयास के बाद रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
बोरे में सुरक्षित किया गया विशाल अजगर
रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के बाद बोरे में रखा। अजगर के कब्जे में आने के बाद मौके पर जमा लोगों ने राहत की सांस ली। पूरी कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने वन्यजीव को नुकसान पहुंचाए बिना उसे सुरक्षित नियंत्रित करने पर जोर दिया। आबादी के बीच चले इस रेस्क्यू अभियान के सफल होने के बाद क्षेत्र में बनी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल भी शांत हुआ।
15 दिनों में तीन-चार घटनाओं की चर्चा ने बढ़ाई चिंता
बाबूगढ़ की इस घटना के बाद जिले में पिछले करीब 15 दिनों के दौरान अजगर दिखाई देने की तीन-चार घटनाओं की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि इन घटनाओं की संख्या को लेकर आधिकारिक विभागीय आंकड़े की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही स्थानीय सूचनाओं ने आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है। इन घटनाओं के पीछे किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
वन्यजीव से सामना हो तो दूरी ही सबसे बड़ा बचाव
बाबूगढ़ की घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया कि आबादी के बीच वन्यजीव दिखाई देने पर भीड़ जुटाकर उसे घेरना या खुद पकड़ने का प्रयास जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामलों में मौके से सुरक्षित दूरी बनाकर वन विभाग को सूचना देना ही सबसे बेहतर कदम है। रविवार को भी स्थानीय लोगों की सूचना और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते विशाल अजगर को सुरक्षित तरीके से काबू किया जा सका।
