राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
वन्यजीवों की हिफाजत का बजेगा बिगुल, मेरठ मंडल के छह जिलों में चलेगा बड़ा जागरूकता अभियान
02 से 08 अक्टूबर तक रैली, बर्ड वाचिंग, नेचर ट्रेल, नुक्कड़ नाटक और प्रतियोगिताओं के जरिए दिया जाएगा वन्यजीव संरक्षण का संदेश
मेरठ-हापुड़। वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक विरासत को बचाने के लिए मेरठ मंडल में अब जागरूकता का बड़ा अभियान आकार लेने जा रहा है। 02 से 08 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान छह जिलों में वन विभाग की ओर से लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों में प्रतियोगिताओं से लेकर जागरूकता रैलियों, बर्ड वाचिंग, नेचर ट्रेल और नुक्कड़ नाटकों तक के जरिए लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। अभियान का फोकस विद्यार्थियों, ग्रामीणों और आमजन को वन्यजीवों की अहमियत समझाने तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करने पर रहेगा।
छह जिलों में एक साथ उठेगी वन्यजीव संरक्षण की आवाज
वन्य प्राणी सप्ताह के तहत मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर और बागपत में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला मुख्यालय, तहसील और विकासखंड स्तर पर विद्यालयों में वाद-विवाद, भाषण, चित्रकला प्रतियोगिता, परिचर्चा और जागरूकता गोष्ठियां कराई जाएंगी। विद्यार्थियों को वन्यजीवों की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास और पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों से गांवों तक पहुंचेगा संरक्षण का संदेश
अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, रोटरी क्लब, लायंस क्लब और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। ग्राम वन समितियों और ईको विकास समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों का आयोजन कर वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बर्ड वाचिंग और नेचर ट्रेल से प्रकृति को करीब से जानेंगे बच्चे
वन्यजीव संरक्षण की जानकारी को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने की भी तैयारी है। हस्तिनापुर वन्यजीव विहार के अंतर्गत स्कूली छात्रों को भ्रमण कराया जाएगा। बर्ड वाचिंग और नेचर ट्रेल जैसे कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की पहचान तथा उनके प्राकृतिक आवास के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
मानव-वन्यजीव द्वंद्व पर भी रहेगा विशेष फोकस
अभियान में मानव-वन्यजीव द्वंद्व की घटनाओं को नियंत्रित करने के उपायों पर भी जोर दिया जाएगा। आमजन को निर्धारित एसओपी के अनुसार वन्यजीवों के सामने आने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और किसी घटना की स्थिति में संबंधित विभाग को सूचना देने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
हापुड़ से गौतमबुद्धनगर तक तय हुआ कार्यक्रम
02 अक्टूबर को गौतमबुद्धनगर वन प्रभाग की दादरी रेंज स्थित सूरजपुर वेटलैंड में बच्चों के लिए बर्ड वाचिंग कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी दिन हापुड़ के हाफिजपुर पौधशाला में वन्यजीव संरक्षण को लेकर गोष्ठी आयोजित की जाएगी।
03 अक्टूबर को गाजियाबाद वन प्रभाग की मोदीनगर और गाजियाबाद रेंज में वन्य प्राणी जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे।
04 अक्टूबर को खुर्जा में वन्यजीव जागरूकता प्रस्तुति सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। 05 अक्टूबर को बागपत वन प्रभाग के महात्मा मालवीय इंटर कॉलेज, खेकड़ा में वन्यजीव आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
06 अक्टूबर को गाजियाबाद वन प्रभाग में वन्यजीवों पर आधारित ट्रेजर हंट प्रतियोगिता होगी। 07 अक्टूबर को मेरठ वन प्रभाग के भीकुंड वेटलैंड में विद्यार्थियों को नेचर ट्रेल का भ्रमण कराया जाएगा।
पुरस्कार और पौधारोपण के साथ होगा अभियान का समापन
08 अक्टूबर को प्रदर्शनी और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ औपचारिक पौधारोपण और समापन समारोह आयोजित होगा। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सह-अस्तित्व की समझ बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य : आदर्श कुमार
वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक, सामाजिक वानिकी, मेरठ मंडल आदर्श कुमार ने बताया कि वन्य प्राणी सप्ताह के माध्यम से वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छह जिलों में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, ग्रामीणों और आमजन को वन्यजीवों के महत्व तथा उनके संरक्षण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया जाएगा।
