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श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम की विराट काव्य संध्या में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’

देशभर के कवि-कवयित्रियों ने काव्यपाठ से बांधा समां, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा सभागार।

पिलखुवा। श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम, अंबेडकरनगर इकाई के तत्वावधान में आयोजित विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं काव्य संध्या में देशभर के साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा सभागार भक्तिमय और साहित्यिक वातावरण से सराबोर हो गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार अशोक गोयल चक्रवर्ती ने की।

उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को नई दिशा और दशा प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन रामवृक्ष बहादुरपुरी ने किया, जबकि वरिष्ठ कवयित्री वीना गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।काव्य संध्या का शुभारंभ इंदौर की कवयित्री आशा शर्मा द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती वंदना से हुआ।

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इसके बाद मंचासीन कवियों और कवयित्रियों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सरोकार, संस्कृति, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा और सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।कार्यक्रम में राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े साहित्यकारों ने सहभागिता की।

डॉ. सुरेश चतुर्वेदी सुमनेश, रमाशंकर चतुर्वेदी आनंद, रीता गुगलानी, संध्या श्रीवास्तव सांझ, विनोद कुमार शर्मा आनंद, सुषमा भंडारी, सपना अग्रवाल प्रज्ञा, राजेश कुमार शर्मा, लतेलिन लता प्रधान, ओमप्रकाश कुंतल, डॉ. लोकेश शर्मा नीरज, मंजू दलाल मंजरी, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार दुबे, डॉ. अम्बे कुमारी, डॉ. मीना कुमारी परिहार, डॉ. ललिता बी. जोगड़, शशि पांडे, रामजी लाल, आशीष कुमारी कांता, किरन और डॉ. अनीता सहित अनेक साहित्यकारों ने काव्यपाठ किया।

अंत में कार्यक्रमाध्यक्ष अशोक गोयल चक्रवर्ती ने सभी साहित्यकारों, अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर ऐसे आयोजन करती रहेगी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज की उन्नति की मंगलकामना के साथ हुआ।

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