राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ : ajay verma
हापुड़ में दो सरकारी विभाग आमने-सामने, NHAI और विद्युत विभाग में छिड़ी जंग
हापुड़। जिले में दो सरकारी विभागों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद सामने आया है। NHAI और विद्युत विभाग के बीच शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। दोनों विभागों के अधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर मामले को और गरमा दिया है। विवाद विधायक निधि से कराए जा रहे विद्युत लाइन के कार्य से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक हापुड़ के चौधरी ताराचंद डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए विधायक निधि से विद्युत लाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा था। इसके लिए करीब 25 विद्युत खंभे लगाए गए थे। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन त्रिवेदी के नेतृत्व में विभाग की ओर से इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
विद्युत विभाग का आरोप है कि NHAI के अधिकारियों ने इन खंभों को बिना पूर्व नोटिस के तोड़ दिया। विभाग का कहना है कि खंभे टूटने से विधायक निधि से कराए जा रहे सरकारी कार्य को नुकसान पहुंचा है। साथ ही दोनों कॉलेजों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की योजना भी प्रभावित हुई है।
मामले को लेकर अधिशासी अभियंता सचिन त्रिवेदी की ओर से विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस को तहरीर दी गई है। विद्युत विभाग ने खंभे तोड़े जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर NHAI की ओर से विद्युत विभाग पर आरोप लगाया गया है कि उसके अधिकार क्षेत्र की जमीन पर बिना अनुमति विद्युत खंभे लगाए गए थे। इसी मामले को लेकर NHAI की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गई है।
दोनों सरकारी विभागों के आमने-सामने आने के बाद मामला अब पुलिस के दरबार में पहुंच चुका है। विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्युत खंभे किसकी अनुमति से लगाए गए थे और उन्हें हटाने या तोड़ने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई। साथ ही बिना नोटिस खंभे तोड़े जाने के विद्युत विभाग के आरोप की भी जांच होगी।
विवाद का असर विधायक निधि से कराए जा रहे विकास कार्य पर साफ दिखाई दे रहा है। करीब 25 खंभे टूटने के आरोप के बाद विद्युत लाइन का काम प्रभावित हुआ है, जिससे चौधरी ताराचंद डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने की योजना पर भी संकट खड़ा हो गया है।
अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल NHAI और विद्युत विभाग के बीच शुरू हुई यह जंग सड़क से निकलकर थाने तक पहुंच गई है, वहीं अधिशासी अभियंता सचिन त्रिवेदी की भूमिका के चलते विद्युत विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से उठाए जाने की बात सामने आई है।
