राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
। जनपद हापुड़ में इन दिनों गांव बदनौली में हुए दीपक जाटव हत्याकांड को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामला हाई-प्रोफाइल बन चुका है और इसे लेकर लगातार राजनीतिक हलचल बढ़ रही है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए बदनौली पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन मौजूदा स्थिति और कानून-व्यवस्था को देखते हुए किसी भी राजनीतिक नेता को फिलहाल पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दे रहा है।
इसी क्रम में बुधवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन दीपक जाटव के पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए हापुड़ पहुंचे। सांसद के मोदीनगर रोड पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। सांसद को रोकने के लिए कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया था। बताया जा रहा है कि तीन थाना प्रभारियों समेत 70 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सपा सांसद पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ गए।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से परिवार से मुलाकात करने की अनुमति देने की मांग की, लेकिन पुलिस ने मौजूदा परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया।बताया जा रहा है कि बदनौली गांव में दीपक जाटव की हत्या के बाद दो जातीय संघर्ष की स्थिति बनी थी, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
इसी संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। पुलिस की कोशिश है कि किसी भी राजनीतिक गतिविधि के चलते स्थिति और न बिगड़े।हत्याकांड के बाद से ही बदनौली लगातार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। अलग-अलग दलों के नेताओं के पीड़ित परिवार से मिलने के प्रयासों के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी के तहत सपा सांसद को भी रास्ते में रोक दिया गया।
मोदीनगर रोड पर सांसद को रोके जाने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधिकारियों और सांसद के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन सांसद परिवार से मुलाकात किए बिना लौटने को तैयार नहीं दिखे।
फिलहाल बदनौली हत्याकांड को लेकर हापुड़ में सियासी पारा चढ़ा हुआ है, जबकि पुलिस-प्रशासन की सख्ती और सपा सांसद को रोके जाने की कार्रवाई पूरे मामले को और सुर्खियों में ले आई है।स्थानीय संदर्भ को और प्रमुख बनाएं समाचार की शुरुआत और तीखी करें शीर्षक की भाषा शुद्ध करें
