राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
एक परिवार की दर्दनाक कहानी ने झकझोर दिया हापुड़
जनपद हापुड़। सोचिए… जिस घर में कुछ दिन पहले तक एक 20 वर्षीय जवान पोते की हंसी गूंजती थी, उसी घर में दस दिन के भीतर तीन अर्थियां उठ गईं। पहले सड़क हादसे में जवान पोते की दर्दनाक मौत हुई, फिर उसके जाने का सदमा दादा की जिंदगी पर भारी पड़ गया और महज दो दिन बाद दादा ने भी दम तोड़ दिया।
परिवार अभी इस दोहरे सदमे से संभल भी नहीं पाया था कि पोते और पति को खोने का गम दादी की सांसों पर भारी पड़ने लगा। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब सात दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दादी ने भी दम तोड़ दिया। महज दस दिनों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के इस तरह बिछड़ने की दर्दनाक कहानी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
दर्दनाक मामला हापुड़ के नई मंडी पक्का बाग क्षेत्र का बताया जा रहा है। 20 वर्षीय युवक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया था। जवान पोते को खोने का गम दादा सहन नहीं कर सके और महज दो दिन बाद उनकी भी सांसें थम गईं।इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ और भारी हो गया। पोते के बाद पति को खोने वाली दादी भी गहरे सदमे में चली गईं। उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में परेशानी होने पर परिजनों ने उन्हें मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। करीब सात दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दादी ने भी दम तोड़ दिया।
कॉलोनी में पसरा सन्नाटा, हर कोई सदमे मेंएक ही परिवार में लगातार हुई तीन मौतों की खबर से पूरे कॉलोनी क्षेत्र में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोग भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर महज दस दिनों में इस परिवार के साथ इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हो गई।पहले जवान पोता, फिर दादा और आखिर में दादी—एक-एक कर तीन अपनों के चले जाने के बाद परिवार में बचे लोगों पर दुखों का कितना बड़ा पहाड़ टूटा होगा, इसे शब्दों में बयां करना भी मुश्किल है। परिवार की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं और पीछे रह गए परिजनों के लिए यह दर्द जिंदगी भर का न भरने वाला जख्म बन गया है।
