राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ सीएचसी में तबादलों का बड़ा फेरबदल, एचईओ की कुर्सी खाली; बीपीएम भी बदले
हापुड़।जनपद मे स्वास्थ्य विभाग में चल रहे स्थानांतरण के बीच गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हापुड़ में दो महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल किया गया है। सीएचसी में तैनात एचईओ सत्यप्रकाश को सिखैड़ा सीएचसी स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद हापुड़ सीएचसी में एचईओ का पद फिलहाल रिक्त हो गया है। वहीं बीपीएम मशकूर अहमद का भी सिखैड़ा स्थानांतरण किया गया है और उनके स्थान पर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध अफजाल को बीपीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हापुड़ सीएचसी जिले की प्रमुख स्वास्थ्य इकाइयों में शामिल है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एचईओ जैसे महत्वपूर्ण पद के खाली होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खास तौर पर स्वास्थ्य योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और मैदानी स्तर पर होने वाली गतिविधियों के संचालन में एचईओ की भूमिका अहम मानी जाती है।
एचईओ सत्यप्रकाश को सिखैड़ा भेजे जाने को लेकर भी विभागीय स्तर पर चर्चा है। बताया जा रहा है कि सिखैड़ा सीएचसी में एएनएम को प्रशिक्षण दिए जाने के उद्देश्य से यह स्थानांतरण किया गया है। हालांकि हापुड़ सीएचसी की अपेक्षा सिखैड़ा में ओपीडी और एएनएम की संख्या कम होने की बात सामने आने के बाद इस फेरबदल को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
वहीं बीपीएम मशकूर अहमद को भी सिखैड़ा भेज दिया गया है। उनकी जगह सीएमओ कार्यालय से संबद्ध अफजाल को बीपीएम का चार्ज दिया गया है। एक साथ दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद सीएचसी में नई व्यवस्था लागू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग में एएनएम को स्थायी किए जाने की प्रक्रिया और अनुभव प्रमाण पत्र से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। ऐसे में स्थानांतरण के साथ विभागीय प्रक्रियाओं को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं।
मामले में सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का कहना है कि एचईओ सत्यप्रकाश का स्थानांतरण सिखैड़ा में एएनएम को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से किया गया है, जबकि बीपीएम मशकूर अहमद को उनके मूल सीएचसी में भेजा गया है।
अब देखना यह है कि हापुड़ की प्रमुख सीएचसी में खाली हुए एचईओ के पद पर विभाग कब तक नई तैनाती करता है। फिलहाल दो महत्वपूर्ण पदों पर हुए इस फेरबदल को लेकर स्वास्थ्य विभाग में चर्चाएं तेज हैं।
