राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma –
शिक्षक दिवस पर सरस्वती इंस्टीट्यूट में गुरुजनों का सम्मान, गीत-संगीत और खेलों से गूंजा परिसर
पिलखुवा। जनपद हापुड़ के पिलखुवा स्थित नेशनल हाईवे पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में शिक्षक दिवस पर सम्मान, उत्साह और उमंग का जबरदस्त संगम देखने को मिला। शिक्षकों के सम्मान में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता जताई तो गीतों की सुरमयी प्रस्तुतियों और मनोरंजक खेलों ने माहौल में नई ऊर्जा भर दी। पूरे कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रति सम्मान और विद्यार्थियों का उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। समारोह में प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार डॉ. आर.के. सहगल, डायरेक्टर रघुवर दत्त, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, छात्र प्रतिनिधि, स्वयंसेवक और वर्ष 2022 बैच के विद्यार्थी मौजूद रहे।
“सेलिब्रेटिंग एंड ऑनरिंग आवर गाइडिंग लाइट्स” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग को अपने भविष्य की मजबूत नींव बताया। वर्ष 2022 बैच की छात्राओं ने शिक्षकों के सम्मान में मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर समारोह में भावनाओं और उत्साह का रंग भर दिया।
इसके बाद संकाय सदस्यों के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं संवादात्मक खेल आयोजित किए गए। शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा एवं उत्साह का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। वहीं सभी शिक्षकों को उपहार भेंट कर उनके योगदान और मार्गदर्शन के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में वर्ष 2022 बैच के छात्र प्रतिनिधियों प्रार्थना, सुमित और त्रिशा समेत स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने समारोह को और जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रन ने सभी संकाय सदस्यों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके बाद जलपान के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आपस में संवाद किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को दिशा देने वाला मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी होता है।
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