राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में दलालों की एंट्री पर बैन, थाने में लगा ‘दलालों का प्रवेश वर्जित’ का बोर्ड
हापुड़। दलालों को लेकर गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली परिसर में ‘दलालों का प्रवेश वर्जित है’ का बोर्ड लगाया गया है। थाने के अंदर लगाए गए इस बोर्ड के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पुलिस की कार्यप्रणाली में बिचौलियों की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। बोर्ड लगाए जाने के बाद थाने में आने वाले फरियादियों और स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
थाने में लगा बोर्ड बना चर्चा का विषय
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में दलालों के प्रवेश पर रोक से संबंधित बोर्ड लगाए जाने के बाद यह व्यवस्था स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। बोर्ड पर साफ शब्दों में दलालों के प्रवेश को वर्जित किए जाने की बात लिखी गई है, जिससे थाने में आने वाले फरियादियों को भी सीधे पुलिस से संपर्क करने का संदेश मिल रहा है। थाने की कार्यप्रणाली में बाहरी हस्तक्षेप को सीमित करने की इस पहल पर लोगों की नजर बनी हुई है।
दलाली के लिए दबाव बनाने वालों पर सख्ती का संदेश
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पुलिस के पास अपनी बात मनवाने या किसी मामले में हस्तक्षेप कराने के लिए कुछ लोग दबाव बनाने का प्रयास करते रहे हैं। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या अथवा किसी विशेष व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से लगाए गए बोर्ड को इसी तरह के अनावश्यक बाहरी हस्तक्षेप को रोकने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे थाने में शिकायत लेकर आने वाले लोगों को सीधे अपनी बात रखने का संदेश भी दिया गया है।
फरियादी सीधे पुलिस अधिकारियों से करें संपर्क
बोर्ड के माध्यम से फरियादियों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपनी शिकायत या समस्या लेकर सीधे पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें। किसी बिचौलिए के माध्यम से अपनी बात रखने के बजाय शिकायतकर्ता स्वयं अपनी समस्या पुलिस के सामने रख सकता है। इससे शिकायत की वास्तविक स्थिति सीधे पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने की उम्मीद है।
अन्य थानों के लिए भी संदेश
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में लगाया गया यह बोर्ड पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे अन्य थानों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अन्य थानों में बोर्ड लगाने संबंधी किसी आधिकारिक निर्देश की पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है।
पुलिस-जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ाने की कवायद
थाने में बिचौलियों की भूमिका सीमित करने का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देना है। फरियादी अपनी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के सामने रखेगा तो मामले की जानकारी किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम से पहुंचने के बजाय सीधे पुलिस तक पहुंचेगी। अब इस व्यवस्था का धरातल पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।
