राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ : ajay verma
नेपाल की त्रासदी ने झकझोरा नेपाली समाज, हापुड़ में सैकड़ों दीप जलाकर दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि
हापुड़। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़ी संख्या में परिवारों को ऐसा गहरा जख्म दिया है, जिसकी पीड़ा शब्दों में बयां करना मुश्किल है। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना भाई, पति, पिता या अपना पूरा परिवार। अपनों को खोने का यह दर्द नेपाल की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश-विदेश में रह रहे नेपाली समाज के लोगों को भी भीतर तक झकझोर गया। इसी असहनीय पीड़ा के बीच हापुड़ में नेपाली समाज ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सैकड़ों दीप जलाकर सामूहिक प्रार्थना की।
मंगलवार को हापुड़ के गढ़ रोड स्थित हनुमान मंदिर परिसर में नेपाली समाज की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेपाली समाज के लोग अपने परिवारों के साथ पहुंचे। मंदिर परिसर में जैसे-जैसे दीप जलते गए, वैसे-वैसे माहौल गमगीन होता चला गया। हर दीप उस परिवार की पीड़ा का प्रतीक बना, जिसने नेपाल की इस भयावह आपदा में अपना कोई अपना खो दिया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर दिवंगत आत्माओं को नमन किया और कुछ समय मौन रखकर मृतकों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान लोगों की आंखों में अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दिया। सामूहिक प्रार्थना में प्रभु से दिवंगत आत्माओं को शांति देने और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।
कार्यक्रम में केवल मृतकों को ही याद नहीं किया गया, बल्कि प्राकृतिक आपदा में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए भी प्रार्थना की गई। नेपाली समाज ने नेपाल में लापता लोगों की सुरक्षित तलाश और उनके जल्द अपने परिवारों के बीच लौटने की कामना की। लोगों ने कहा कि जिन परिवारों पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, उनके दर्द को पूरा समाज महसूस कर रहा है।
नेपाली समाज के सदस्यों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी एक परिवार का दुख नहीं होती, उसका दर्द पूरी मानवता महसूस करती है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय धर्म भी है। हापुड़ में रहने वाला नेपाली समाज आपदा प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
कार्यक्रम के दौरान नेपाल आपदा से प्रभावित परिवारों की आर्थिक मदद के लिए भी लोगों से आगे आने की अपील की गई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सहायता राशि जुटाकर उसे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। समाज के सक्षम लोगों से भी मानवीय आधार पर सहयोग करने की अपील की गई।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मिलन शाह्री, भोज बहादुर, राजकुमार, मेघराज, मोतीचंद गौतम, रोहित कौशिक, प्रेम गिरी, नारायण पांडे, गणेश, पदम छबिलाल, हीरा थापा, गीता, सुशीला, कल्पना, मीनू कपिल, अभिषेक, सुमिता, सुषमा, प्रियंक, अंशिका, संदीप और विवेक सहित नेपाली समाज के अनेक सदस्य एवं उनके परिवार मौजूद रहे।
अंत में सैकड़ों दीपों की रोशनी के बीच सामूहिक प्रार्थना हुई। लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और लापता लोगों की सकुशल वापसी की कामना की। इस दौरान नेपाली समाज ने एकजुट होकर संदेश दिया कि नेपाल की इस भयावह त्रासदी में पीड़ित परिवार अकेले नहीं हैं। दुख की इस घड़ी में पूरा नेपाली समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
