राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
ब्रजघाट गढ़ गंगा का जलस्तर घटा, खादर में बीमारी का खतरा बढ़ा, गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग
हापुड़ / गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट गढ़ गंगा का जलस्तर कम होने के बाद खादर क्षेत्र में बाढ़ के पानी से तो राहत मिलने लगी है, लेकिन अब जलभराव वाले क्षेत्रों में जमा पानी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। कई स्थानों पर पानी जमा होने से सड़न और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके चलते ग्रामीणों में मौसमी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रविवार शाम ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.66 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर कम होने से खादर क्षेत्र के कई रास्तों और निचले इलाकों में पानी कम हुआ है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अभी भी पानी जमा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से रुके पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
कुदैनी की मढ़ैया, काकाठेर, चकलठीरा और गड़ावली सहित कई गांवों में ग्रामीणों ने बुखार और मौसमी बीमारी की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर लोगों की जांच कराई जानी चाहिए और जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
ग्रामीण देवेंद्र सिंह ने प्रशासन से गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जलभराव के बाद ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच बेहद जरूरी है। समय रहते स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंचती है तो बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
ग्रामीणों ने पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने पशुधन विभाग की टीम को गांवों में भेजकर पशुओं की जांच कराने और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग को लेकर एसडीएम श्रीराम यादव ने जिलाधिकारी से वार्ता कर जल्द स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में शिविर लगवाने और जांच के साथ दवा वितरण कराने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांवों में पहुंचने का इंतजार है।
