राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ : ajay verma
हापुड़ में धौलाना UPSIDC की बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, सड़कों पर भरा पानी
जनपद हापुड़ के धौलाना तहसील क्षेत्र में स्थित यूपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में एक से डेढ़ घंटे हुई तेज बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद औद्योगिक क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह कई फुट तक पानी भरने से सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों फैक्ट्रियां संचालित हैं। यहां बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी रोजाना काम के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बारिश होते ही फैक्ट्रियों तक पहुंचने वाले रास्तों पर जलभराव होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी नजर आईं।
जलभराव का सबसे अधिक असर छोटी गाड़ियों और मालवाहक रिक्शाओं की आवाजाही पर पड़ा। फैक्ट्रियों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल बाहर भेजने में वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पानी से भरी सड़कों पर मालवाहक वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिसका असर कई औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर भी दिखाई दिया। माल की आवाजाही प्रभावित होने से उत्पादन और सप्लाई से जुड़े कार्यों की गति धीमी पड़ गई।
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को भी जलभराव वाले रास्तों से होकर फैक्ट्रियों तक पहुंचना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई स्थानों पर पानी इतना अधिक भर गया कि लोगों को सड़क के किनारे से होकर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। बारिश थमने के बाद भी काफी समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े लोगों का कहना है कि यूपीएसआईडीसी क्षेत्र सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देता है, इसके बावजूद जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के मौसम में हर बार जलभराव की स्थिति सामने आती है और इसका खामियाजा फैक्ट्री संचालकों, कर्मचारियों, मजदूरों तथा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।
वहीं, हापुड़ के गढ़ रोड पर भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखने को मिली। सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की जरूरत है। केवल बारिश के बाद पानी निकालने के बजाय ऐसी स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में बारिश के दौरान सड़कें जलमग्न न हों और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित न हों। स्थानीय लोगों और औद्योगिक इकाइयों ने संबंधित विभाग से जलनिकासी व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
