राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
अमृत भारत योजना से बदल रहा हापुड़ रेलवे स्टेशन का स्वरूप, लिफ्ट-एस्केलेटर न होने से प्लेटफॉर्म बदलने में यात्रियों की सांस फूल रही
हापुड़। अमृत भारत योजना के तहत हापुड़ रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार और अधूरी यात्री सुविधाओं के कारण यात्रियों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती दिखाई दे रही है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बदलने के लिए अभी भी यात्रियों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम जरूर किया जा रहा है, लेकिन काम की गति काफी धीमी है। निर्माण कार्य पूरा होने तक यात्रियों को असुविधाओं के बीच ही सफर करना पड़ रहा है। प्लेटफॉर्म बदलते समय भारी सामान लेकर सीढ़ियां चढ़ना-उतरना बुजुर्ग यात्रियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए सीढ़ियों से प्लेटफॉर्म बदलना और भी बड़ी चुनौती है।
बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक हाथ में सामान और दूसरे हाथ से बच्चों को संभालते हुए सीढ़ियों से प्लेटफॉर्म बदलना आसान नहीं होता। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।
यात्रियों का कहना है कि अमृत भारत योजना से स्टेशन का स्वरूप जरूर बदल रहा है, लेकिन जब तक जरूरी यात्री सुविधाएं पूरी तरह तैयार नहीं होतीं, तब तक विकास कार्य का लाभ यात्रियों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि बुजुर्गों, दिव्यांगों, बच्चों और सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
रेलवे स्टेशन पर विकास और निर्माण से जुड़े कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि निर्माण कार्य पूरा होने के साथ लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी जल्द यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। इसके बाद प्लेटफॉर्म बदलने में होने वाली मौजूदा परेशानी काफी हद तक दूर हो सकेगी।
यात्रियों की मांग है कि विकास कार्य को जल्द पूरा कराने के साथ उन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत रोजाना स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को है।
