राष्ट्र संवाद टाइम्स : Ajay Verma :

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साहित्य की विरासत और संस्कृति की जड़ों से नई पीढ़ी को जोड़ने की तैयारी, खड़खड़ी महोत्सव–2026 का बजेगा बिगुल

हापुड़। साहित्य केवल शब्दों का संसार नहीं, बल्कि समाज की स्मृतियों, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इसी विचार को केंद्र में रखकर खड़खड़ी महोत्सव–2026 को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर रविवार को दिल्ली रोड स्थित होटल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने महोत्सव के उद्देश्य, कार्यक्रमों, साहित्यिक गतिविधियों, जनभागीदारी और सम्मान समारोह को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की।

साहित्य और संस्कृति के इस महाआयोजन को लेकर तैयारियां तेज

समिति पदाधिकारियों ने बताया कि खड़खड़ी महोत्सव का उद्देश्य केवल मंचीय कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और संस्कारों की समृद्ध परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना है। महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और साहित्यिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन को लेकर समिति स्तर पर तैयारियां लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं।

नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य

समिति के संरक्षक राम किशोर त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी का अपनी संस्कृति और साहित्य से जुड़ाव बेहद जरूरी है। खड़खड़ी महोत्सव इसी उद्देश्य के साथ साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना को एक मंच पर लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

समाज के विभिन्न वर्गों की बढ़ रही सक्रिय सहभागिता

समिति के अध्यक्ष निखिल त्यागी आहते वाले ने कहा कि महोत्सव में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रहती है। लोगों के सहयोग और सहभागिता के कारण आयोजन का स्वरूप प्रत्येक वर्ष और व्यापक होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास है कि महोत्सव से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए और इसे साहित्य एवं संस्कृति के व्यापक मंच के रूप में आगे बढ़ाया जाए।

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विराट कवि सम्मेलन बनेगा महोत्सव का मुख्य आकर्षण

मुख्य पदाधिकारी आसाराम त्यागी, सुधीर त्यागी भुनी वाले, समिति के मीडिया प्रभारी एवं राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेंद्र त्यागी तथा मोनू त्यागी चमरी वाले ने आयोजन की तैयारियों और मंचीय कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी विराट कवि सम्मेलन महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित कवि और साहित्यकार सहभागिता करेंगे।

राष्ट्रीय कवि अवनीत सिंह समर्थ की रहेगी विशेष सहभागिता

आयोजन समिति के अनुसार विराट कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय कवि अवनीत सिंह समर्थ मुख्य कवि के रूप में सहभागिता करेंगे। उनकी उपस्थिति से कवि सम्मेलन को विशेष आकर्षण मिलने की उम्मीद है। समिति की ओर से कार्यक्रम को प्रभावी और यादगार बनाने के लिए साहित्यिक प्रस्तुतियों एवं मंचीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

एक लाख रुपये का दिनकर सम्मान, 50 हजार का दुष्यंत साहित्य सम्मान

महोत्सव में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित करने की परंपरा भी इस वर्ष जारी रहेगी। समिति की ओर से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ सम्मान के तहत एक लाख रुपये तथा दुष्यंत साहित्य सम्मान के तहत 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। समिति के अनुसार इन सम्मानों का उद्देश्य साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मान और प्रोत्साहन देना है।

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सात वर्षों से लगातार साहित्य की अलख जगा रहा खड़खड़ी महोत्सव

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं राष्ट्रीय कवि विकास विजय सिंह त्यागी ने बताया कि खड़खड़ी महोत्सव पिछले सात वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। सात वर्षों की इस यात्रा में महोत्सव ने साहित्य, संस्कृति और भारतीय संस्कारों को समाज के बीच पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आयोजन को लगातार व्यापक स्वरूप देने के साथ इसका मूल उद्देश्य आज भी साहित्य और संस्कृति को जन-जन से जोड़ना ही है।

सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल

विकास विजय सिंह त्यागी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और साहित्य की विरासत अत्यंत समृद्ध है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी को इस विरासत से परिचित कराया जाए। खड़खड़ी महोत्सव इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रहा है, ताकि साहित्य और संस्कारों की परंपरा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज और नई पीढ़ी के बीच जीवंत बनी रहे।

पत्रकारों ने पूछे आयोजन से जुड़े सवाल, पदाधिकारियों ने दिए जवाब

प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों ने महोत्सव की रूपरेखा, प्रस्तावित कार्यक्रमों, कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह और आयोजन की तैयारियों से संबंधित विभिन्न सवाल किए। समिति के पदाधिकारियों ने पत्रकारों के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए महोत्सव से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कीं।

समाज से अधिक से अधिक सहभागिता का किया आह्वान

प्रेस वार्ता के अंत में आयोजन समिति ने उपस्थित पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त किया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि साहित्य और संस्कृति से जुड़े इस आयोजन को सफल बनाने में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आगामी खड़खड़ी महोत्सव–2026 में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया।