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“सीसीटीवी से सामने आएगा सच”, साजिशन फंसाने का आरोप लगाकर युवक पहुंचा पुलिस के पास

हापुड़। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र में दर्ज एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में नामजद युवक ने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसे व्यक्तिगत रंजिश के चलते झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है। युवक ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सत्यता सामने लाने की मांग की है।साजिश या सच्चाई? जांच के घेरे में पहुंचे आरोप युवक का कहना है कि 27 सितंबर को हुए विवाद को लेकर उसके खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में लगाए गए आरोप वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते।

उसका दावा है कि मामूली विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर गंभीर रूप दिया गया है। युवक ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर कानूनी विवाद में उलझाने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उसने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए।सीसीटीवी और गवाहों पर टिकी सच की पड़ताल युवक ने पुलिस से घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की है।

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उसका कहना है कि तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता को उजागर कर सकते हैं। युवक का दावा है कि जांच के दौरान सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।व्यक्तिगत रंजिश का लगाया आरोप प्रार्थना-पत्र में युवक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत दुर्भावना के चलते उसके खिलाफ कार्रवाई कराने का प्रयास कर रहे हैं।

उसके अनुसार, दर्ज कराई गई रिपोर्ट का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करवाना नहीं, बल्कि उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाना है। युवक ने कहा कि झूठे आरोपों के कारण उसे मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।झूठे आरोप साबित होने पर कार्रवाई की मांग युवक ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच के दौरान दर्ज कराई गई रिपोर्ट में लगाए गए आरोप असत्य और तथ्यहीन पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही उसे झूठे मुकदमे में फंसाने के प्रयासों से सुरक्षा प्रदान की जाए।जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और जांच प्रक्रिया जारी है। दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किए जाने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब जांच के परिणाम पर टिकी हैं, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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नोट: यह समाचार मामले में दर्ज रिपोर्ट, संबंधित पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। प्रकरण की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। किसी भी पक्ष के आरोप या दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए।