राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
बाबूगढ़ में खाद-कीटनाशक विक्रेता पर प्रशासन का छापा, सात नमूने जांच को भेजे
नियमों के उल्लंघन पर विक्रेता और निर्माता कंपनी को नोटिस, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई किसानों को घटिया कृषि सामग्री बेचने वालों पर प्रशासन की नजर
हापुड़। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कृषि सामग्री विक्रेताओं के खिलाफ निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।
जिलाधिकारी महोदया के निर्देश पर मंगलवार को बाबूगढ़ स्थित खाद एवं पेस्टिसाइड विक्रेता के प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न कृषि उत्पादों के सात नमूने संकलित किए। नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की जा रही है।सात नमूने लिए, प्रयोगशाला जांच से खुलेगी गुणवत्ता की स्थिति निरीक्षण के दौरान खाद और पेस्टिसाइड के कुल सात नमूने लिए गए। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित कृषि सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं।
विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को मानक गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद उपलब्ध कराना और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।उर्वरक और कीटनाशक कानूनों के उल्लंघन पर नोटिस निरीक्षण के उल्लंघन से संबंधित मामले सामने आने पर विक्रेता और निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित पक्षों को नियमानुसार जवाब देने के लिए निर्देशित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि उत्पादों की बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है।जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई की दिशा कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रयोगशाला से प्राप्त सैंपल टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
नमूनों की जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार संबंधित विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल नमूनों को परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।किसानों के हितों से समझौता नहीं, गुणवत्ता पर निगरानी जारी कृषि विभाग की कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली खाद, बीज और कीटनाशक सामग्री की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। कृषि उत्पादन में इनपुट की गुणवत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ऐसे में विभागीय निरीक्षण और नमूना परीक्षण के माध्यम से मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है।
