राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ में विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून की बारीकियों से कराया रूबरू, न्यायिक अधिकारी ने बताए सुरक्षा और शिकायत के अधिकार
हापुड़। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजय कुमार सिंह प्रथम के निर्देशन में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है।
लक्ष्मी कम्पोजिट विद्यालय में हुआ जागरूकता कार्यक्रम इसी क्रम में 28 सितंबर 2026 को न्यायिक अधिकारी सिविल जज (जू०डि०) श्रीमती आभा ने लक्ष्मी कम्पोजिट विद्यालय, नगर पालिका परिसर हापुड़ में छात्र-छात्राओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को कानून मानता है बच्चान्यायिक अधिकारी ने विद्यार्थियों को बताया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बच्चा माना जाता है। साथ ही नाबालिग की सहमति से संबंधित कानूनी प्रावधानों को भी विद्यार्थियों के समक्ष स्पष्ट किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी भी अनुचित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति को तत्काल जानकारी देना जरूरी है।
सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श से लेकर साइबर सुरक्षा तक समझाया कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, लैंगिक अपराधों से बचाव, ऑनलाइन और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर उत्पीड़न तथा बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध अथवा अनुचित गतिविधि की जानकारी जिम्मेदार व्यक्ति को देने के लिए जागरूक किया गया।
असहज स्थिति को छिपाने के बजाय तत्काल बताने की दी सीखविद्यार्थियों को समझाया गया कि यदि किसी भी प्रकार की असहज स्थिति, दबाव, धमकी अथवा अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़े तो उसे छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने के साथ आवश्यक कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में शिकायत की प्रक्रिया और पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखे जाने संबंधी कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।विद्यालयों में सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण बनाना अभियान का उद्देश्यजिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत पीएलवी गौरव सहगल, नीतू और तुलसी शर्मा ने बताया कि अभियान का प्रथम चरण 1 अक्टूबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को पॉक्सो अधिनियम से संबंधित कानून की जानकारी देने के साथ विद्यालयों में सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण वातावरण विकसित करना है।बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विधिक जागरूकता के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी देकर उन्हें अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
