राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
डर का जाल बिछाकर साइबर ठगों ने उड़ाए 5.67 लाख, धमकियों से सहमा पीड़ित; पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
हापुड़। साइबर ठगों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने का एक और नया तरीका अपनाते हुए डर और धमकी का सहारा लेकर श्रीनगर निवासी विवेक सिंघल से करीब 5 लाख 67 हजार रुपये ठग लिए। ऑनलाइन माध्यम से धमकियों और दबाव के बीच पीड़ित से रकम ट्रांसफर कराई गई। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, श्रीनगर निवासी विवेक सिंघल को साइबर ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर विभिन्न प्रकार की धमकियां दीं। आरोप है कि ठगों ने पीड़ित पर इस कदर दबाव बनाया कि वह उनके निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर हो गया। डर के कारण पीड़ित ने ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग माध्यम से करीब 5.67 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।रकम ट्रांसफर होने के बाद जब पीड़ित को पूरे मामले का अंदेशा हुआ तो उसके होश उड़ गए।
उसने साइबर ठगी का शिकार होने की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना साइबर क्राइम हापुड़ में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस अब ठगी की रकम के डिजिटल ट्रेल को खंगालने में जुटी है। पीड़ित के बैंक खाते से किन-किन खातों में रकम पहुंची, किन मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया और लेनदेन के दौरान कौन-कौन से डिजिटल माध्यम इस्तेमाल किए गए, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच तेजपुलिस का फोकस फिलहाल ठगी की रकम की लेनदेन कड़ी को जोड़ने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पीड़ित से रकम हासिल करने के बाद साइबर ठगों ने उसे किन खातों में भेजा और इन खातों का संचालन कौन कर रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित के बैंक खाते से हुए लेनदेन, जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, संबंधित मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रकम के लेनदेन की कड़ी जोड़कर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
