राष्ट्र संवाद टाइम्स : संवाददाता : durvesh tomar :
धमकियों से टूटा युवक, घर छोड़कर भागा; डायल 112 पर फोन व लिखित तहरीर देकर पुलिस से मांगी सुरक्षा
हापुड़। जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा कथित रूप से धमकी दिए जाने की शिकायत करते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से वह लगातार कुछ लोगों के कथित दबाव और धमकियों के कारण मानसिक रूप से परेशान है। युवक का कहना है कि लगातार बनी इस स्थिति के चलते उसे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई और वह घर से बाहर चला गया। इसके बाद उसने पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
डायल 112 पर दी सूचना
शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित धमकियों के कारण वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा था और लगातार भय की स्थिति बनी हुई थी। इसी वजह से उसने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया और सहायता मांगी। युवक का कहना है कि परिस्थितियों को देखते हुए वह घर से बाहर चला गया। उसने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं और शिकायत में बताए गए तथ्यों की जांच की जाए।
थाने में दी लिखित तहरीर
इसके बाद युवक ने बाबूगढ़ थाने में लिखित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उसने कथित रूप से धमकी देने और परेशान करने वाले लोगों के संबंध में जानकारी देते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही युवक ने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से मामले को तथ्यों के आधार पर देखने की अपील भी की है।
शिकायत के तथ्यों की जांच जरूरी
मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों को अंतिम तथ्य मानने से पहले शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, संबंधित व्यक्तियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आवश्यक है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है और पूरे मामले की वास्तविक परिस्थितियां क्या रही हैं। निष्पक्ष जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जा सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
युवक के घर से चले जाने और पुलिस से सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और उपलब्ध तथ्यों का सामने आना आवश्यक है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की किस स्तर पर जांच की जाती है और शिकायतकर्ता की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
