राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma

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10 साल से मानदेय वृद्धि का इंतजार, अब जगी उम्मीद—संविदा कर्मियों की आवाज केंद्र तक पहुंची

एसोसिएशन के ज्ञापन का केंद्र सरकार ने लिया संज्ञान, यूपी शासन से मानदेय वृद्धि पर आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की अपेक्षा

हापुड़। स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिकों के मानदेय में पिछले करीब 10 वर्षों से वृद्धि नहीं होने का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। कार्मिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर कंसल्टेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से किए गए प्रयासों के बाद भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता विभाग ने उत्तर प्रदेश शासन का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित किया है। केंद्र से पत्र जारी होने के बाद संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिकों में खुशी की लहर है और मानदेय वृद्धि की उम्मीद फिर से मजबूत हुई है।

केंद्र का पत्र बना उम्मीद की नई वजह

पेयजल और स्वच्छता विभाग, स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण), भारत सरकार के उप सचिव श्री मनीष राज की ओर से सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा गया है।
केंद्र की ओर से भेजे गए पत्र में उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिकों के मानदेय में वृद्धि/इन्क्रीमेंट के संबंध में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है। साथ ही इस संबंध में की गई कार्रवाई से पेयजल और स्वच्छता विभाग, स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण), भारत सरकार को अवगत कराने को कहा गया है।

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केंद्र के इस पत्र को कार्मिकों की वर्षों पुरानी मांग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
10 साल से नहीं बढ़ा मानदेय

संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिकों का कहना है कि वे पिछले करीब एक दशक से मानदेय में वृद्धि अथवा इन्क्रीमेंट की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस दौरान महंगाई लगातार बढ़ी और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च भी बढ़ता गया, लेकिन मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई।
इसके बावजूद स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण) से जुड़े कार्मिक अपने-अपने दायित्वों का लगातार निर्वहन करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े कार्यों और मिशन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ज्ञापन के बाद केंद्र ने लिया संज्ञान

मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर कंसल्टेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण), उत्तर प्रदेश ने लगातार आवाज उठाई। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल केशरी सहित सभी पदाधिकारियों ने कार्मिकों की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया। एसोसिएशन के प्रयासों का असर अब दिखाई दे रहा है। ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के संबंधित विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।

हापुड़ में जताया आभार, खुशी का माहौल
केंद्र सरकार की ओर से मामले का संज्ञान लिए जाने और उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजे जाने के बाद हापुड़ में स्वच्छ भारत मिशन-(ग्रामीण) से जुड़े कार्मिकों एवं एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों में खुशी का माहौल है। कार्मिकों ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंचाने तथा मामले का संज्ञान लेने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कार्मिकों का कहना है कि करीब एक दशक से लंबित मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर केंद्र की ओर से की गई पहल उनके लिए बड़ी उम्मीद है। उन्होंने एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल केशरी सहित सभी पदाधिकारियों के प्रयासों की भी सराहना की, जिनके माध्यम से यह मुद्दा शासन और केंद्र सरकार तक पहुंचा।

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अब यूपी शासन के निर्णय का इंतजार
केंद्र की ओर से पत्र भेजे जाने के बाद अब संविदा एवं आउटसोर्सिंग कार्मिकों की निगाहें उत्तर प्रदेश शासन की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि शासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मानदेय में वृद्धि/इन्क्रीमेंट को लेकर सकारात्मक निर्णय की दिशा में कदम बढ़ाएगा।

कार्मिकों का कहना है कि लंबे समय से वे सीमित मानदेय में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया पत्र उनके लिए दस वर्षों से लंबित मांग के पूरा होने की दिशा में बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है। अब सभी की नजर शासन की आगामी कार्रवाई और मानदेय वृद्धि को लेकर होने वाले निर्णय पर टिकी है।