राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
गणेश उत्सव पर मेरठ रेंज में 2500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
164 प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 34 घाट चिन्हित, 197 शोभायात्राओं पर रहेगी पैनी नजर
मेरठ रेंज—बागपत—बुलंदशहर— हापुड़ गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी के पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है।
श्रद्धालुओं की भीड़, पूजा पंडालों, शोभायात्राओं और प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए पूरे परिक्षेत्र में करीब 2500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता और प्रभावी पुलिस प्रबंध के निर्देश दिए हैं।
मेरठ परिक्षेत्र के मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में कुल 168 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जानी प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 80 स्थानों पर 49, बुलंदशहर में 18 स्थानों पर 44, बागपत में 58 स्थानों पर 58 और हापुड़ में 12 स्थानों पर 13 प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
गणेश उत्सव के दौरान कुल 197 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 63, बुलंदशहर में 51, बागपत में 68 और हापुड़ में 15 शोभायात्राएं शामिल हैं। वहीं शोभायात्राओं के मार्ग में 85 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें मेरठ के 38, बुलंदशहर के 42, बागपत का एक और हापुड़ के चार स्थान शामिल हैं।
प्रतिमा विसर्जन के लिए परिक्षेत्र में 34 घाट चिन्हित किए गए हैं। इनमें मेरठ के सात, बुलंदशहर के 13, बागपत के 10 और हापुड़ के चार घाट शामिल हैं। कुल 164 प्रतिमाओं का विसर्जन प्रस्तावित है, जिनमें 125 प्रतिमाएं संबंधित जनपदों में और 39 प्रतिमाएं जनपद से बाहर विसर्जित की जाएंगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सात अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 71 निरीक्षक, 460 उपनिरीक्षक, 645 मुख्य आरक्षी, 880 आरक्षी, 375 होमगार्ड/पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी को ड्यूटी में लगाया गया है। इसके अलावा 117 हॉटस्पॉट के सापेक्ष 24 जोन, 81 सेक्टर और 52 क्यूआरटी बनाई गई हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि सभी शोभायात्राओं और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों के आयोजकों से पहले ही समन्वय स्थापित कर रूट, समय और कार्यक्रम की अवधि निर्धारित की जाए। निर्धारित रूट और समय में अनावश्यक बदलाव न होने दिया जाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी शोभायात्रा मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर विद्युत तार, अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं का समय से समाधान कराएं।
प्रमुख आयोजन स्थलों, संवेदनशील स्थानों और विसर्जन घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सीसीटीवी और ड्रोन से मिलने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं पर तत्काल रिस्पॉन्स की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, लाइफ जैकेट, रस्से और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। गहरे पानी वाले स्थानों पर किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। गोताखोरों, जल पुलिस, बाढ़ राहत पीएसी और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय रखते हुए जल सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा और एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड समेत आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक मार्ग खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। महिला और बाल सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश हैं।
पुलिस को सोशल मीडिया पर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा अफवाह फैलाने वाली पोस्ट और वीडियो का तत्काल सत्यापन कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुराने वीडियो और फोटो के जरिए फैलने वाली अफवाहों का भी फैक्ट चेक कराया जाएगा।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए पर्याप्त पुलिस प्रबंध, प्रभावी निगरानी और त्वरित रिस्पॉन्स के माध्यम से गणेश चतुर्थी एवं अनंत चतुर्दशी का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए।
