राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
गांव की समस्याओं से निकलेगा विकास का रोडमैप, खुली बैठकों में तय होंगी प्राथमिकताएं, उसी के आधार पर होंगे काम
हापुड़। गांवों के विकास की तस्वीर अब सिर्फ दफ्तरों में बैठकर तैयार होने वाली योजनाओं से नहीं, बल्कि गांव की चौपाल पर उठने वाली आवाज और ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों से तय होगी। गांधी जयंती के अवसर पर जिले में शुरू किए गए जनयोजना अभियान का मकसद ग्राम पंचायतों को अपनी विकास प्राथमिकताएं तय करने में अधिक सक्रिय भूमिका देना है। दो अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में गांव-गांव खुली बैठकों के जरिए समस्याओं, जरूरतों और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव सामने लाए जाएंगे।
सबसे जरूरी काम पहले, प्राथमिकता के आधार पर बनेगा विकास का खाका: अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि गांव में मौजूद हर समस्या को एक समान प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों से सामने आने वाले प्रस्तावों में यह देखा जाएगा कि तत्काल किन कार्यों की जरूरत है और किन कामों से सबसे अधिक लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है। इसी आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होगी और प्रस्तावित कार्यों को योजना में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गांव की जरूरत गांव के लोग बताएंगे: जनयोजना अभियान में स्थानीय लोगों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। ग्राम पंचायतों में होने वाली खुली बैठकों में ग्रामीण अपने क्षेत्र की वास्तविक समस्याएं सामने रख सकेंगे। पेयजल, सड़क, नाली, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे उन समस्याओं को सामने लाने का अवसर मिलेगा, जिनका सामना ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं।
एक गांव की प्राथमिकता दूसरे गांव से होगी अलग: अभियान की खास बात यह है कि प्रत्येक गांव की परिस्थितियों के अनुसार उसकी विकास प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं। जिस गांव में पेयजल की समस्या गंभीर है, वहां उससे संबंधित कार्य को पहले स्थान मिल सकता है, जबकि किसी अन्य गांव में सड़क या जल निकासी का काम अधिक जरूरी हो सकता है। इस तरह विकास योजना स्थानीय जरूरत के हिसाब से तैयार होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
ग्रामीणों की राय से तय होगा किस काम का ज्यादा असर: योजना तैयार करने के दौरान केवल कामों की सूची बनाने के बजाय उनके महत्व और जरूरत को भी देखा जाएगा। ग्रामीणों की ओर से रखे गए सुझावों से यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा काम पूरा होने पर सबसे अधिक आबादी को सुविधा मिलेगी। इससे प्राथमिकता वाले कार्यों को पहले कराने की दिशा में योजना तैयार की जा सकेगी और विकास का लाभ अधिक जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
खुली बैठकों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी अहम: गांव की विकास योजना केवल कुछ लोगों की राय तक सीमित न रहे, इसके लिए अलग-अलग वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। महिलाएं घरेलू स्तर पर पानी, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रख सकती हैं, जबकि युवा शिक्षा, रोजगार, खेल और डिजिटल सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं। इस तरह अलग-अलग वर्गों की जरूरतों को विकास योजना में जगह मिलने की संभावना रहेगी।
प्रस्ताव से योजना और योजना से जमीन पर काम तक पहुंचेगा अभियान: ग्राम पंचायत स्तर पर प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों को व्यवस्थित कर विकास योजना तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव जिला स्तर से शासन तक भेजे जाएंगे। योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीणों से सुझाव लेना नहीं, बल्कि उनकी प्राथमिकताओं को विकास की औपचारिक योजना से जोड़ना है, ताकि स्वीकृति के बाद चिन्हित जरूरी कार्यों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
मार्च तक योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी, अप्रैल से काम शुरू कराने का लक्ष्य: अभियान के तहत ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर विकास योजनाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया मार्च तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अप्रैल 2027 से नए वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित विकास कार्यों को शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इससे अभी से चिन्हित किए जाने वाले जरूरी कार्यों को अगले वित्तीय वर्ष की विकास प्रक्रिया से जोड़ने का रास्ता तैयार होगा।
जरूरी काम पहले होंगे तो ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा: जनयोजना अभियान की सबसे बड़ी उपयोगिता यही मानी जा रही है कि गांव में उपलब्ध संसाधनों और विकास कार्यों की प्राथमिकता को स्थानीय जरूरत से जोड़ा जाएगा। यदि पेयजल, सड़क, जल निकासी या अन्य जरूरी सुविधा का काम पहले पूरा होता है, तो उसका असर सीधे ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा। इससे लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारी बोले, ग्रामीणों की जरूरत को बनाया जाएगा आधार: जिला पंचायत राज अधिकारी एसबी शुक्ला के अनुसार जनयोजना अभियान शुरू कर दिया गया है। ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों की जरूरत और प्राथमिकता के अनुसार विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए जाएंगे। इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर ग्राम पंचायत की विकास योजना तैयार की जाएगी। प्राथमिकता वाले कार्यों को योजना में शामिल कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
