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ब्रजघाट में गंगा की धार में फंसी तीन जिंदगियां, बीच नदी बंद हुई मोटर बोट तो मचा हड़कंप; 4 किमी दूर हुआ रेस्क्यू

गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। ब्रजघाट में मंगलवार देर रात गंगा के तेज बहाव के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्थि विसर्जन के लिए गंगा में गई मोटर बोट का अचानक तेल खत्म हो गया। इंजन बंद होते ही मोटर बोट गंगा की तेज धार में बहने लगी। नाव में सवार तीन श्रद्धालु अंधेरे में बीच गंगा फंस गए। मोटर बोट देखते ही देखते ब्रजघाट से दूर निकलती चली गई। किसी तरह एक श्रद्धालु का अपने परिचित से संपर्क हुआ, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस और नाविकों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और करीब चार किलोमीटर दूर पुष्पावती घाट के पास मोटर बोट को तलाशकर तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

बताया गया कि इन दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और नदी तेज बहाव के साथ बह रही है। सुरक्षा की दृष्टि से गंगा में नाव और मोटर बोट के संचालन पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद मंगलवार देर शाम तीन श्रद्धालु अस्थि विसर्जन के लिए ब्रजघाट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा आरती स्थल के पास अपना सामान रखा और जेट्टी बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर अस्थि विसर्जन की तैयारी की।

इसी दौरान एक नाविक श्रद्धालुओं को गंगा के मध्य ले जाने के लिए मोटर बोट लेकर पहुंच गया। तीनों श्रद्धालु नाव में सवार हो गए। मोटर बोट उन्हें लेकर गंगा के बीच पहुंची, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक उसमें तेल खत्म हो गया। तेल खत्म होते ही इंजन बंद पड़ गया और मोटर बोट पर नियंत्रण समाप्त हो गया। तेज बहाव के कारण नाव गंगा की धारा के साथ बहने लगी।

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शुरुआत में श्रद्धालुओं ने नाव को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के सामने उनकी कोशिश नाकाम रही। रात का अंधेरा होने के कारण गंगा के बीच स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई। मोटर बोट लगातार बहती हुई ब्रजघाट से दूर निकलती चली गई। श्रद्धालु मदद के लिए फोन करने का प्रयास करते रहे, लेकिन नदी के बीच नेटवर्क की समस्या भी उनके लिए बड़ी परेशानी बन गई।

काफी प्रयास के बाद एक श्रद्धालु का फोन अपने परिचित से जुड़ गया। उसने घबराते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। परिचित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और नाविकों ने रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी। दूसरी मोटर बोट के जरिए गंगा में श्रद्धालुओं की तलाश शुरू की गई।

तेज बहाव और अंधेरे के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीम गंगा की धारा के साथ लगातार आगे बढ़ती रही। काफी तलाश के बाद ब्रजघाट से करीब चार किलोमीटर दूर पुष्पावती घाट के पास बहती हुई मोटर बोट का पता चला। पुलिस और नाविकों ने मोटर बोट को घेरकर उसे सुरक्षित नियंत्रण में लिया और उसमें सवार तीनों श्रद्धालुओं को बाहर निकाला।

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गनीमत रही कि समय रहते घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई और रेस्क्यू टीम ने श्रद्धालुओं को तलाश लिया। अगर सूचना मिलने में और देरी होती तो मोटर बोट तेज बहाव के साथ कहीं और निकल सकती थी और श्रद्धालुओं की जान पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता था।
घटना के बाद गंगा में नाव संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जब गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और तेज बहाव को देखते हुए नाव संचालन पर रोक है, तो श्रद्धालुओं को मोटर बोट के जरिए गंगा के मध्य तक कैसे ले जाया गया। साथ ही मोटर बोट में पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी बड़ा सवाल है।

घटना के संबंध में कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने घटना से इन्कार किया है, जबकि चौकी प्रभारी अंकित कुमार ने श्रद्धालुओं के रेस्क्यू किए जाने की बात बताई। घटना ने ब्रजघाट में गंगा के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रतिबंध के बावजूद नाव संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।