राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
जनपद हापुड़ के तहसील चौपाल पर स्थित सूरी स्वीट्स पर श्रीकृष्ण छठी महोत्सव के लिए खरीदी गई मिठाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शिकायत के मुताबिक, कान्हा जी के भोग के लिए खरीदी गई मिठाई घर पहुंचने के बाद खराब और बदबूदार पाई गई। मामले की शिकायत खाद्य विभाग से की गई, जिसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची। वहीं, कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।बताया गया कि श्रीकृष्ण छठी महोत्सव के लिए एक महिला श्रद्धालु ने सूरी स्वीट्स से मिठाई खरीदी थी। घर पहुंचने के बाद श्रद्धा के साथ कान्हा जी को मिठाई का भोग लगाया गया। इसके बाद मिठाई से महक आने पर महिला श्रद्धालु ने जब उसे सूंघा तो बदबू आने की बात सामने आई। खराब मिठाई का भोग लग जाने की जानकारी से महिला श्रद्धालु भावुक हो गई।शिकायत के बाद क्या हुआ?
मिठाई खराब होने की शिकायत खाद्य विभाग से की गई। शिकायत के बाद खाद्य विभाग के अधिकारी आरपी गंगवार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि टीम के पहुंचने से पहले ही दुकान संचालक को मामले की जानकारी मिल गई और कथित तौर पर खराब एवं बदबूदार मिठाई को दुकान से हटा दिया गया। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।इसके बाद सैंपलिंग की कार्रवाई को लेकर भी विवाद सामने आया। शिकायतकर्ताओं और मौके पर मौजूद पत्रकारों का आरोप है कि खराब मिठाई का सैंपल लेने के बजाय ताजी मिठाई मंगाई गई।
पत्रकारों द्वारा खराब मिठाई का सैंपल लेने की मांग किए जाने पर अधिकारी ने कथित तौर पर उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। इसी दौरान पत्रकारों और अधिकारी के बीच विवाद होने की बात सामने आई।डीएम से शिकायत, जांच पर निगाहमामले को लेकर पत्रकारों ने जिलाधिकारी कविता मीना से शिकायत की। शिकायत में खाद्य विभाग की कार्रवाई, अधिकारी के व्यवहार और खराब मिठाई के कथित तौर पर हटाए जाने की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही खराब मिठाई बरामद कर उसका सैंपल लिए जाने की मांग भी उठाई गई है।
शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जांच के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। दुकान को सीज किए जाने के निर्देश की बात भी कही जा रही है, हालांकि अंतिम कार्रवाई जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर मिठाई खराब थी तो उसका सैंपल लिया गया या नहीं और शिकायत के बाद खराब मिठाई कहां गई? वहीं, खाद्य विभाग की कार्रवाई पर लगाए गए आरोपों की भी जांच होना जरूरी है।मामला सिर्फ मिठाई की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा है।
जिस मिठाई को कान्हा जी के भोग के लिए खरीदा गया था, उसके खराब और बदबूदार होने की शिकायत ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और खाद्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
