राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :

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शिकार पेड़ पर, खौफ गांव में! तेंदुआ देखे जाने के दावे से ग्रामीणों में मचा हड़कंप

हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में जंगल से सटे इलाके में नीलगाय के बच्चे का शव पेड़ की डाल पर मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जंगल के बीच पेड़ पर फंसे शव की तस्वीर ने लोगों को चौंका दिया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन्यजीव के हमले की आशंका जताई। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने तेंदुए को भागते हुए देखने का दावा किया, जिसके बाद क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर दहशत और बढ़ गई।पेड़ पर मिला शव, वन्यजीव के हमले की आशंका स्थानीय लोगों के अनुसार नीलगाय का बच्चा मृत अवस्था में पेड़ की डाल पर फंसा मिला।

शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने आशंका जताई कि किसी हिंसक वन्यजीव ने उसका शिकार किया होगा। घटना को लेकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, नीलगाय के बच्चे की मौत किस वजह से हुई और उसे पेड़ तक कैसे पहुंचाया गया, इसकी वास्तविक स्थिति वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।तेंदुआ भागते देखने का दावा, बढ़ी दहशत घटना के बीच स्थानीय लोगों द्वारा आसपास तेंदुआ देखे जाने का दावा किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने एक तेंदुए को जंगल की ओर भागते हुए देखा।

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तेंदुआ दिखाई देने की सूचना फैलते ही ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। खासकर जंगल और खेतों के आसपास रहने वाले लोगों ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।बच्चों और पशुओं को लेकर बढ़ी चिंता ग्रामीण इलाका खेती और पशुपालन से जुड़ा होने के कारण लोगों का जंगल और खेतों की ओर लगातार आना-जाना रहता है। तेंदुए की मौजूदगी की आशंका ने इस आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीण बच्चों को अकेले खेतों की ओर भेजने से बच रहे हैं, जबकि पशुपालक भी मवेशियों की निगरानी पहले की तुलना में अधिक सावधानी से कर रहे हैं।वन विभाग को दी सूचना, गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना वन विभाग को देकर मौके पर जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने जंगल से सटे इलाकों में गश्त बढ़ाने और वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो संभावित खतरे को देखते हुए समय रहते आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए जाने चाहिए।अफवाह नहीं, जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई फिलहाल नीलगाय के बच्चे का शव पेड़ पर मिलने और तेंदुआ देखे जाने के दावे ने क्षेत्र में चिंता जरूर बढ़ा दी है। हालांकि, तेंदुए द्वारा नीलगाय के बच्चे का शिकार किए जाने अथवा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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स्थानीय लोगों का दावा वन विभाग की जांच का विषय है। मौके से मिले साक्ष्य और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नीलगाय के बच्चे की मौत किस कारण हुई और क्या वास्तव में इलाके में तेंदुए की सक्रियता है।ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि भय और अफवाहों के बीच वास्तविक स्थिति सामने आ सके।