राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
एक साल की परेशानी, अब राहत की उम्मीद; परतापुर अंडरपास के काम में आई तेजी, आज रेल संचालन प्रभावित
हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखुवा में परतापुर रेलवे फाटक पर बन रहे अंडरपास का निर्माण कार्य अब गति पकड़ता दिखाई दे रहा है। करीब एक साल से रास्ता बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को लगातार वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। अब निर्माण कार्य में तेजी आने के बीच शुक्रवार को अंडरपास के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे बॉक्स स्थापित करने का कार्य किया जाएगा। इसके चलते डाउन लाइन पर करीब तीन घंटे का रेलवे ब्लॉक रहेगा और इस दौरान ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने की संभावना है।
बृहस्पतिवार को भी लिया गया था तीन घंटे का ब्लॉक
अंडरपास निर्माण के लिए बृहस्पतिवार को भी रेलवे की डाउन लाइन पर करीब तीन घंटे का ब्लॉक लिया गया था। सुबह करीब 9:35 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक चले इस ब्लॉक के दौरान रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास निर्माण से संबंधित कार्य कराया गया। लगातार दूसरे दिन निर्माण कार्य के लिए रेलवे संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को भी अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ सकता है।
कई प्रमुख ट्रेनें हुईं प्रभावित
बृहस्पतिवार को लिए गए ब्लॉक का असर इस रेलखंड से गुजरने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा। इनमें आला हजरत एक्सप्रेस करीब चार घंटे, कासगंज-नई दिल्ली इंटरसिटी करीब तीन घंटे 40 मिनट, लालकुआं-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस करीब चार घंटे और बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस करीब साढ़े तीन घंटे प्रभावित रही। इसके अलावा दिल्ली-कोटद्वार सिद्धबली जनशताब्दी के संचालन पर भी करीब दो घंटे का असर पड़ा।
अवध असम और जनसाधारण एक्सप्रेस भी हुईं प्रभावित
ब्लॉक के कारण डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध असम एक्सप्रेस तथा आनंद विहार टर्मिनल-लालकुआं ट्रेन के संचालन पर भी करीब एक घंटे का असर पड़ा। वहीं सहरसा-आनंद विहार टर्मिनल जनसाधारण एक्सप्रेस भी प्रभावित हुई। ट्रेनों के समय में बदलाव और देरी के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
आज सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा असर
शुक्रवार को भी परतापुर रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण के लिए डाउन लाइन पर करीब तीन घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। सुबह करीब 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रेलवे ट्रैक के नीचे बॉक्स स्थापित करने का कार्य कराया जाना है। इस दौरान इस रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है। यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से पहले जानकारी लेकर यात्रा की योजना बनाने की जरूरत पड़ सकती है।
एक साल से बंद रास्ता, अब निर्माण कार्य में आई तेजी
परतापुर अंडरपास का निर्माण करीब एक साल से चल रहा है और रास्ता बंद होने के कारण आसपास के लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबे समय से काम की रफ्तार को लेकर लोगों में इंतजार बना हुआ था, लेकिन अब मौके पर निर्माण कार्य आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। रेलवे ट्रैक के नीचे बॉक्स स्थापित करने की प्रक्रिया भी इसी निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्कूल, बाजार और मेडिकल कॉलेज के कारण बढ़ती है रास्ते की जरूरत
परतापुर मार्ग के आसपास स्कूल, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और कई दुकानें हैं। इसके अलावा नजदीक ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी चल रहा है। ऐसे में इस मार्ग का स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास के क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों के लिए भी महत्व है। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को कई बार अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
अंडरपास पूरा होने के बाद आवागमन होगा सुगम
अंडरपास के निर्माण से परतापुर रेलवे फाटक पर सड़क और रेल यातायात के बीच होने वाली बाधा को कम करने में मदद मिलने की संभावना है। रास्ता शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और आसपास के बाजार, स्कूल तथा अन्य संस्थानों तक पहुंच आसान हो सकेगी। फिलहाल लोगों की नजर निर्माण कार्य की गति और अंडरपास के जल्द पूरा होने पर टिकी है।
