राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
बदनौली हत्याकांड में बढ़ी सियासी सरगर्मी, पूर्व विधायक असलम चौधरी ने बढ़ाया मदद का हाथ
पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देकर बंधाया ढांढस, बोले—न्याय की लड़ाई में परिवार को नहीं होने देंगे अकेला; अखिलेश यादव को पूरे मामले से कराएंगे अवगत
हापुड़। जनपद हापुड़ के मोदीनगर रोड स्थित गांव बदनौली में मारपीट के दौरान हुई फायरिंग में युवक की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद जहां गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बना, वहीं अब मामले में सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए लगातार राजनीतिक नेताओं के पहुंचने और पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के कारण बदनौली प्रकरण हाई प्रोफाइल होता जा रहा है। इसी कड़ी में धौलाना विधानसभा क्षेत्र के पुत्र और पूर्व विधायक असलम चौधरी शुक्रवार को पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देकर ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
पूर्व विधायक असलम चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपना सदस्य खोया है और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
असलम चौधरी ने कहा कि घटना में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पूरे प्रकरण से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत कराएंगे। इसके साथ ही पार्टी स्तर पर भी पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से मामला उठाया जाएगा।
एक के बाद एक नेताओं के पहुंचने से बढ़ी सियासी हलचल
बदनौली हत्याकांड अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी लगातार चर्चा में है। इससे पहले सपा सांसद रामजीलाल सुमन पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सांसद ने नाराजगी भी जताई थी।
इससे पहले कुंवर दानिश अली भी पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें भी परिवार से सीधे मुलाकात की अनुमति नहीं दी थी। लगातार बड़े नेताओं के पहुंचने के कारण मामले में सियासी सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क
लगातार नेताओं के बदनौली पहुंचने के बीच पुलिस-प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है। पुलिस की ओर से बड़े नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के पीछे क्षेत्र में किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने की आशंका को वजह बताया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि गांव में शांति बनी रहे और घटना के बाद किसी तरह का तनाव दोबारा न बढ़े।
इधर, पूर्व विधायक असलम चौधरी की पीड़ित परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता के बाद बदनौली हत्याकांड को लेकर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है। अब पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक कदमों पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देकर बंधाया ढांढस, बोले—न्याय की लड़ाई में परिवार को नहीं होने देंगे अकेला; अखिलेश यादव को पूरे मामले से कराएंगे अवगत
हापुड़। जनपद हापुड़ के मोदीनगर रोड स्थित गांव बदनौली में मारपीट के दौरान हुई फायरिंग में युवक की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद जहां गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बना, वहीं अब मामले में सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए लगातार राजनीतिक नेताओं के पहुंचने और पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के कारण बदनौली प्रकरण हाई प्रोफाइल होता जा रहा है। इसी कड़ी में धौलाना विधानसभा क्षेत्र के पुत्र और पूर्व विधायक असलम चौधरी शुक्रवार को पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देकर ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
पूर्व विधायक असलम चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपना सदस्य खोया है और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
असलम चौधरी ने कहा कि घटना में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पूरे प्रकरण से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत कराएंगे। इसके साथ ही पार्टी स्तर पर भी पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से मामला उठाया जाएगा।
एक के बाद एक नेताओं के पहुंचने से बढ़ी सियासी हलचल
बदनौली हत्याकांड अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी लगातार चर्चा में है। इससे पहले सपा सांसद रामजीलाल सुमन पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सांसद ने नाराजगी भी जताई थी।
इससे पहले कुंवर दानिश अली भी पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें भी परिवार से सीधे मुलाकात की अनुमति नहीं दी थी। लगातार बड़े नेताओं के पहुंचने के कारण मामले में सियासी सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क
लगातार नेताओं के बदनौली पहुंचने के बीच पुलिस-प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है। पुलिस की ओर से बड़े नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के पीछे क्षेत्र में किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने की आशंका को वजह बताया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि गांव में शांति बनी रहे और घटना के बाद किसी तरह का तनाव दोबारा न बढ़े।
इधर, पूर्व विधायक असलम चौधरी की पीड़ित परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता के बाद बदनौली हत्याकांड को लेकर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है। अब पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक कदमों पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
