राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ में अवैध OYO होटलों के खिलाफ हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
हापुड़। जिले में कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे OYO होटलों के खिलाफ सोमवार को हिंदू संगठनों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कई संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और होटल संचालकों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ होटल और गेस्ट हाउस बिना जरूरी नियमों का पालन किए संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर कम उम्र के युवक-युवतियों को कमरे उपलब्ध कराने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। संगठनों ने प्रशासन से ऐसे होटलों की जांच कराकर उनकी वैधता, दस्तावेज और संचालन की शर्तों की जांच कराने की मांग की।
नाबालिगों को कमरा देने के आरोपों से आक्रोश प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ होटल संचालकों द्वारा कथित रूप से नाबालिगों को भी कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने किशोरियों से दुष्कर्म जैसी घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई।
उनका आरोप है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए संदिग्ध होटल और गेस्ट हाउस की गतिविधियों पर प्रशासन को प्रभावी निगरानी रखनी चाहिए।होटलों की जांच और रिकॉर्ड खंगालने की मांगप्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले में संचालित OYO और अन्य होटल-गेस्ट हाउस की व्यापक जांच कराई जाए।
होटल संचालकों के लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, पहचान-पत्रों के सत्यापन, कमरों की बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाए।संगठनों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर केवल चेतावनी देकर मामला खत्म न किया जाए, बल्कि संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि होटल और गेस्ट हाउस व्यवसाय के नाम पर यदि कहीं कानून का उल्लंघन हो रहा है तो उसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने तथा शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराने की मांग की।जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन कर सकते हैं।हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
