राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
हापुड़ में बुखार का बढ़ता ग्राफ, ओपीडी में मरीजों की भीड़ और वार्डों में बेड फुल
रोजाना दो हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे अस्पताल, 150 से ज्यादा की हो रही रक्त जांच; ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज
हापुड़। जिले में बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। सुबह अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज पहुंचने शुरू हो जाते हैं और दिनभर चिकित्सकों के कक्ष के बाहर भीड़ बनी रहती है। प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज बुखार समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बढ़ते दबाव का असर भर्ती व्यवस्था पर भी पड़ा है और कई अस्पतालों के वार्डों में बेड फुल होने लगे हैं।जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सिरदर्द, खांसी, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और जांच के लिए लोगों को काफी देर इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 70 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। इससे देहात में बुखार के बढ़ते मामलों का अंदाजा लगाया जा सकता है।रोज 150 से अधिक मरीजों की रक्त जांचबुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों की रक्त जांच की जा रही है। बुखार के कारणों की पहचान के साथ डेंगू समेत अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराई जा रही है। मरीजों की प्लेटलेट्स की जांच पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों की समय रहते पहचान हो सके।बेड फुल होने से बढ़ी चुनौती मरीजों की संख्या बढ़ने का असर अस्पतालों की भर्ती व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।
कई वार्डों में बेड भर चुके हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन के सामने चुनौती बन रहा है। वहीं, ओपीडी में लगातार बढ़ती भीड़ के कारण चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है।
देहात से बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीजमुकुंदपुर, सिखेड़ा, बद्री, भटियाना, मसूरी, अटौला, पटना, नंगौला, चंद्रपुर, कुचेसर, गढ़मुक्तेश्वर, बाबूगढ़, सिंभावली, झड़ीना, शेखपुर, ततारपुर, मुरादपुर, मीरपुर, हसनपुर, कोटला मेवातियान, सिकंदरपुर, खेड़ा, मोहनपुर, रजापुर, दत्तियाना और अठसैनी समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार के मामलों पर नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि लगातार तेज बुखार, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य लक्षण होने पर इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराएं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई रखने, मच्छरों से बचाव करने और घर या आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। साथ ही बुखार को सामान्य मानकर लापरवाही न बरतने और समय पर उपचार कराने की सलाह दी गई है।
