राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
ABSA की छापेमारी से मचा हड़कंप गेट पर चस्पा हुआ नोटिस
हापुड़ जनपद। धौलाना क्षेत्र के तकिया मोहल्ले में बिना मान्यता स्कूल संचालित किए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। शिकायत के आधार पर ABSA के नेतृत्व में शिक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्कूल की जांच की। अधिकारियों ने स्कूल संचालक से मान्यता और संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन वह मौके पर वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद विभाग ने स्कूल का संचालन बंद करा दिया और मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया।बताया गया कि तकिया मोहल्ले में एक स्कूल के बिना मान्यता संचालित होने की शिकायत शिक्षा विभाग को मिली थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्कूल का निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही स्कूल प्रबंधन में खलबली मच गई। अधिकारियों ने स्कूल की मान्यता, संचालन की अनुमति और अन्य जरूरी अभिलेखों की जानकारी मांगी।जांच के दौरान संचालक आवश्यक दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल का संचालन तत्काल बंद करा दिया। साथ ही मुख्य गेट पर विभागीय नोटिस चस्पा करते हुए बिना आवश्यक अनुमति के दोबारा स्कूल संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।सरकारी जमीन के इस्तेमाल का आरोप भी जांच के घेरे मेंमामला केवल स्कूल की मान्यता तक सीमित नहीं है।
स्कूल जिस जमीन पर संचालित किए जाने की बात सामने आई है, उसे सरकारी जमीन बताया जा रहा है। ऐसे में जमीन पर कब्जे या उसके अनधिकृत इस्तेमाल के आरोप की भी जांच की जा रही है। हालांकि, सरकारी जमीन पर कब्जे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।स्कूल बंद होने के बाद अब वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के सामने भी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
अभिभावकों के लिए यह जानना जरूरी है कि जिस शिक्षण संस्थान में उनके बच्चों की पढ़ाई चल रही थी, उसके पास वैध मान्यता थी या नहीं। विभागीय कार्रवाई के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आगे क्या व्यवस्था की जाएगी, यह भी महत्वपूर्ण विषय बन गया है।शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि बिना मान्यता के यह स्कूल कितने समय से संचालित हो रहा था और इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों तक पहले क्यों नहीं पहुंची। यदि लंबे समय से स्कूल संचालित हो रहा था तो उसके निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की भी जांच होना जरूरी है।
विभागीय कार्रवाई के बाद फिलहाल स्कूल का संचालन बंद है और गेट पर नोटिस चस्पा है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, सरकारी जमीन के इस्तेमाल से जुड़े आरोप की जांच संबंधित विभाग द्वारा किए जाने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।तकिया मोहल्ले में हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में बिना मान्यता संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
