राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
आधी रात नाबालिग किशोरी के लापता होने से मचा हड़कंप, कुछ घंटे बाद घर लौटी; युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हापुड़। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के देर रात लापता होने के मामले ने परिजनों को परेशान कर दिया। पांच अक्टूबर की रात किशोरी के घर पर नहीं मिलने के बाद परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद किशोरी घर वापस मिली। इसके बाद पिता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रात में किशोरी के नहीं मिलने पर परिवार ने खंगाले संभावित ठिकाने
एफआईआर में दर्ज तहरीर के अनुसार, थाना देहात क्षेत्र के गांव पीरनगर सूदना निवासी शिकायतकर्ता की 15 वर्षीय पुत्री के संबंध में पांच अक्टूबर की रात जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों ने आसपास के स्थानों के साथ-साथ संबंधित युवक के घर जाकर भी किशोरी के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया।
किशोरी के घर लौटने के बाद परिजनों ने पुलिस को दी सूचना
तहरीर के मुताबिक, तलाश के दौरान किशोरी कुछ समय बाद वापस घर पहुंची। इसके बाद परिजनों ने उससे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी ली। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहल्ले का युवक रचित किशोरी को अपने साथ ले गया था। इसके बाद किशोरी के पिता ने थाना हापुड़ देहात में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज, विवेचना शुरू
पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर के अनुसार मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सोनिका कुमारी को सौंपी गई है। पुलिस किशोरी के बयान, परिजनों की शिकायत और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
थाना प्रभारी पारस मलिक के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक के नेतृत्व में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े सभी तथ्यों को संकलित किया जा रहा है। आरोपों की पुष्टि विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी और उसी के अनुरूप आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई
मामला नाबालिग किशोरी से जुड़ा होने के कारण उसकी पहचान उजागर करने वाले विवरण को जानबूझकर खबर में शामिल नहीं किया गया है। पुलिस का मुख्य फोकस किशोरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकायत में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच पर है। मामले की वास्तविक स्थिति विवेचना पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
