राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ पुलिस की निविदा में कड़ा पहरा, आपराधिक रिकॉर्ड और ब्लैकलिस्टेड फर्मों पर रोक; गुणवत्ता बिगड़ी तो रद्द होगा टेंडर
हापुड़। पुलिस विभाग ने कैंप कार्यालय के गोपनीय कार्यालय में स्थापित सर्विलांस सेल और डीसीआरबी/यूपी-112 कार्यालय की छतों की मरम्मत के लिए अल्पकालीन निविदा आमंत्रित की है। कार्य तालिका के अनुसार सर्विलांस सेल की छत की मरम्मत के लिए 37,284 रुपये और डीसीआरबी/यूपी-112 कार्यालय की छत के लिए 52,569 रुपये निर्धारित किए गए हैं। दोनों कार्यों की तालिका में कुल राशि 89,853 रुपये दर्ज है।
मरम्मत कार्यों के लिए तय की गई राशि
वित्तीय वर्ष 2026-27 में संबंधित बजट मद के अंतर्गत जनपद हापुड़ को 31.69 लाख रुपये का बजट आवंटन दर्शाया गया है। इसी के तहत संबंधित कार्यों को पूरा कराने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि दस्तावेज के एक हिस्से में कुल राशि 89,583 रुपये अंकित है, जबकि विस्तृत कार्य तालिका में 89,853 रुपये दर्ज हैं।
निविदा तिथियां भी निर्धारित
जारी सूचना के अनुसार इच्छुक फर्मों को 13 अक्टूबर 2026 को दोपहर दो बजे तक निविदा जमा करनी होगी। निविदा 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे खोली जाएगी। निविदा प्रपत्र का मूल्य 400 रुपये निर्धारित किया गया है और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी का उल्लेख है।
जमानत राशि जमा करना जरूरी
निविदादाता को निर्धारित अर्नेस्ट मनी यानी जमानत राशि भी जमा करनी होगी। दस्तावेज के अनुसार यह राशि निविदा लागत का दो प्रतिशत है, जिसे पुलिस अधीक्षक, हापुड़ के पक्ष में निर्धारित माध्यम से जमा करना होगा। निविदा स्वीकृत होने के बाद 10 प्रतिशत सिक्योरिटी मनी जमा करने का भी प्रावधान है।
दस्तावेजों की जांच के बाद ही पात्रता
निविदा के साथ ठेकेदार पंजीकरण, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण-पत्र, चरित्र सत्यापन और संबंधित विभागीय पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज जमा करना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने इन दस्तावेजों की उपलब्धता को निविदा प्रक्रिया में पात्रता से जोड़ा है।
अपराधिक रिकॉर्ड वाली फर्मों पर सख्ती
शर्तों में स्पष्ट किया गया है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले निविदादाता प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई फर्मों को भी निविदा में शामिल नहीं किया जाएगा। इस तरह विभाग ने ठेकेदारों की पृष्ठभूमि को लेकर भी स्पष्ट शर्तें रखी हैं।
कम दर के आधार पर होगा चयन
निविदा का चयन न्यूनतम दर के आधार पर किए जाने का प्रावधान है। जिस फर्म की निविदा स्वीकार होगी, उसे सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित तिथि से कार्य शुरू कर तय समयसीमा में पूरा करना होगा। देरी होने पर पीडब्ल्यूडी की निर्धारित दरों के अनुसार पेनल्टी लगाने की व्यवस्था की गई है।
गुणवत्ता जांच में खामी मिली तो कार्रवाई
कार्य की गुणवत्ता की जांच गठित समिति द्वारा समय-समय पर और काम पूरा होने के बाद की जाएगी। यदि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो विभागीय शर्तों के अनुसार निविदा निरस्त की जा सकती है। इससे ठेकेदार पर निर्धारित गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी रहेगी।
विभाग ने अधिकार भी सुरक्षित रखे
निविदा दस्तावेज में विभाग को निविदा पूरी तरह निरस्त करने या उसमें आंशिक संशोधन करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही अंतिम स्वीकृति का अधिकार सक्षम प्राधिकारी के पास रहेगा। निविदादाता को सभी शर्तें स्वीकार करने संबंधी सहमति-पत्र भी टेंडर के साथ देना होगा, अन्यथा उसकी निविदा पर विचार नहीं किया जाएगा।
