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चंडी रोड रेलवे फाटक पर ट्रैक्टर की टक्कर से थमा आवागमन, एक घंटे तक सड़कों पर पसरा यातायात संकट

स्वचालित फाटक क्षतिग्रस्त होने से दोनों ओर वाहनों का लंबा जमावड़ा, वैकल्पिक मार्गों पर भी बढ़ा वाहनों का दबाव

हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के चंडी रोड रेलवे फाटक पर सोमवार उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रैक्टर फाटक पार करने के प्रयास में स्वचालित रेलवे फाटक से जा टकराया। टक्कर से फाटक का हिस्सा क्षतिग्रस्त होते ही चंडी रोड पर वाहनों की आवाजाही थम गई। करीब एक घंटे तक फाटक बाधित रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

सीमित प्रवेश-निकास मार्गों के बीच बढ़ा संकट
पिलखुवा में प्रवेश और निकास के प्रमुख मार्ग सीमित होने के कारण चंडी रेलवे फाटक पर उत्पन्न अवरोध का असर व्यापक रहा। परतापुर फाटक पिछले करीब एक वर्ष से बंद है। ऐसे में चंडी फाटक और रेलवे रोड शहर के प्रमुख प्रवेश-निकास मार्गों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चंडी फाटक के करीब एक घंटे तक बाधित रहने पर वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए आसपास के वैकल्पिक मार्गों का रुख किया। देखते ही देखते इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। संकरी सड़कों और बढ़े यातायात के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई और कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। इससे मुख्य मार्ग से लेकर संपर्क मार्गों तक यातायात का दबाव फैल गया और लोगों को सामान्य दूरी तय करने में भी अधिक समय लगा।

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एक मार्ग बंद हुआ तो दूसरे रास्तों पर बढ़ी भीड़
चंडी फाटक बंद होने के बाद बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन वैकल्पिक रास्तों की ओर मुड़ गए। इससे उन मार्गों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा अचानक वाहनों की संख्या बढ़ गई। जिन रास्तों पर सामान्य तौर पर सीमित यातायात रहता है, वहां भी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को बार-बार रुककर आगे बढ़ना पड़ा। इस स्थिति ने यह भी सामने ला दिया कि शहर के सीमित प्रवेश-निकास विकल्पों में किसी एक प्रमुख मार्ग के बाधित होने पर यातायात का दबाव तेजी से दूसरे मार्गों पर स्थानांतरित हो जाता है।

जाम में फंसे लोगों की बढ़ी परेशानी
फाटक की मरम्मत के दौरान दोनों ओर वाहनों की कतार लगातार लंबी होती गई। कई वाहन चालक काफी देर तक जाम में फंसे रहे। नौकरी, कारोबार, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों से निकलने वाले लोगों को अतिरिक्त समय गंवाना पड़ा। वहीं, वैकल्पिक मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ने से लोगों को राहत नहीं मिल सकी।

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रेलवे कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त स्वचालित फाटक का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद फाटक को दुरुस्त कर संचालन योग्य बनाया गया। इसके बाद चंडी रोड पर वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।

क्षतिपूर्ति दर्ज करने की कार्रवाई शुरू
रेलवे अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर की टक्कर से स्वचालित रेलवे फाटक क्षतिग्रस्त हुआ है। रेलवे की ओर से क्षति का आकलन करते हुए ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध क्षतिपूर्ति दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।