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किसानों के हक की यूरिया पर माफियाओं का कब्जा! 184 कट्टों का भंडाफोड़, मुकदमा दर्ज होते ही फरार हुए आरोपी

सरकारी खाद को पाउडर बनाकर खपाने का खेल उजागर, माफिया कामिल समेत कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

हापुड़ में बड़े खुलासे से मचा हड़कंप

हापुड़। किसानों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया पर कथित तौर पर माफियाओं ने कब्जा जमा लिया था। हाफिजपुर क्षेत्र में हुई बड़ी छापेमारी के बाद इस काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। कार्रवाई के दौरान करीब 184 सरकारी यूरिया के कट्टे बरामद किए गए थे। मामले में जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश की तहरीर पर माफिया कामिल समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग, प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है तथा पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

छापेमारी में खुला यूरिया के काले कारोबार का राज

जानकारी के अनुसार बुलंदशहर रोड स्थित एक परिसर में कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान भारी मात्रा में सरकारी यूरिया बरामद हुई। आरोप है कि यूरिया को मशीनों से पीसकर पाउडर में बदला जा रहा था और बाद में उसे अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता था। बरामदगी के बाद अधिकारियों ने मौके से कई अहम साक्ष्य भी जुटाए। टीम को मौके पर ऐसे संकेत भी मिले हैं, जिनसे बड़े स्तर पर अवैध कारोबार संचालित होने की आशंका जताई जा रही है।

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किसानों के हिस्से की खाद से कमाई का खेल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसानों के लिए निर्धारित सरकारी यूरिया का दुरुपयोग कर अवैध लाभ कमाने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि यह कारोबार काफी समय से संचालित हो सकता है। इसी वजह से अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है, ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। विभागीय अधिकारी रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं।

माफिया कामिल समेत कई पर मुकदमा

जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश की शिकायत पर थाना हाफिजपुर में माफिया कामिल समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य को साक्ष्यों के आधार पर केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

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फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस

कार्रवाई और मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। हाफिजपुर पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों और संपर्कों की निगरानी कर रही हैं ताकि आरोपियों तक शीघ्र पहुंचा जा सके।

पूरे नेटवर्क पर चलेगा शिकंजा

अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल बरामद यूरिया तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पाउडर बनाकर इसे किन-किन जिलों में भेजा जा रहा था और इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क कितना बड़ा है। जांच के आधार पर आगे और मुकदमे तथा कार्रवाई भी हो सकती है। विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

किसानों की खाद पर माफियाओं की नजर! हापुड़ में 184 सरकारी यूरिया के कट्टों का भंडाफोड़, मुकदमा दर्ज होते ही भूमिगत हुए आरोपी; अब पूरे नेटवर्क पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर।