राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
धौलाना में जमीन के खेल का बड़ा आरोप! सनलाइट रियलिटी डेवलपर्स ने अमित शर्मा समेत चार पर लगाया धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का आरोप
धौलाना/हापुड़। धौलाना क्षेत्र के ग्राम हसनपुर लोढ़ा में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सनलाइट रियलिटी डेवलपर्स, सेक्टर-62 नोएडा की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि मनीत कुमार शर्मा पुत्र एनएल शर्मा ने अमित कुमार शर्मा, चंचल कुमार शर्मा, नमन कुमार और माया देवी के खिलाफ जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर, धोखाधड़ी, साजिश और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त किए जाने के आरोप लगाए हैं।
2022 में खरीदी थी जमीन, बाद में सामने आया विवादपुलिस रिकॉर्ड में दर्ज शिकायत के मुताबिक कंपनी ने ग्राम हसनपुर लोढ़ा स्थित खसरा संख्या 1045 में 0.7420 हेक्टेयर तथा खसरा संख्या 1023 में 1.0070 हेक्टेयर भूमि के कुल 1/2 हिस्से को अमित कुमार शर्मा पुत्र देवेंद्र शर्मा से 14 जून 2022 के बैनामे के जरिए खरीदा था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैनामा कराते समय अमित कुमार शर्मा ने भूमि को विवादरहित बताते हुए स्वयं को उसका मालिक एवं काबिज बताया था। इसके बाद तहसीलदार धौलाना के आदेश के आधार पर राजस्व अभिलेखों में खरीदार का नाम भी दर्ज हो गया।वसीयत के आधार पर बाद में नाम दर्ज कराने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में अमित कुमार शर्मा ने अपने भाई चंचल कुमार और पुत्र नमन कुमार के साथ मिलकर कथित रूप से वर्ष 2019 की एक वसीयत के आधार पर राजस्व अभिलेखों में बदलाव कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इसकी जानकारी उसे समय पर नहीं दी गई।बाद में जानकारी मिलने पर कंपनी की ओर से कथित एकपक्षीय आदेश को चुनौती देते हुए तहसीलदार के समक्ष आपत्ति दाखिल की गई। शिकायत के अनुसार आपत्ति खारिज होने के बाद चंचल कुमार शर्मा और नमन कुमार के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए।
फर्जी खतौनी और दोबारा जमीन बेचने का आरोप मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अमित कुमार शर्मा, उनकी माता माया देवी, भाई चंचल कुमार और पुत्र नमन कुमार ने आपस में साजिश कर कथित रूप से ऐसे दस्तावेज तैयार कराए जिनमें जमीन पर अपना हिस्सा दर्शाकर बिक्री की गई।
शिकायत में आरोप है कि बाद में माया देवी के नाम से भी 2025 में जमीन का बिक्री विलेख कराया गया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उस समय तक संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में स्थिति बदल चुकी थी। शिकायतकर्ता ने इन गतिविधियों को कथित तौर पर दस्तावेजी हेरफेर और धोखाधड़ी से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद जांच शुरू शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले को लेकर पहले भी 5 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक हापुड़ और उच्च अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया गया था। रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि संबंधित थाना धौलाना में रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले की जांच उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार को सौंपी गई है। अब जांच में जमीन के मूल दस्तावेज, बैनामा, वसीयत, खतौनी, दाखिल-खारिज आदेश और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।जमीन के दस्तावेजों की जांच से खुलेगा पूरा मामला इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यह है कि वर्ष 2022 में जमीन की बिक्री के समय वास्तविक स्वामित्व क्या था, बाद में कथित वसीयत के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में किस प्रक्रिया से बदलाव हुआ और उसके बाद हुए बिक्री विलेखों की वैधता क्या है।
