राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ में सरकारी अधिवक्ताओं के 3 पदों पर नियुक्ति, 30 सितंबर तक आवेदन का मौका
हापुड़। जनपद हापुड़ में जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) के एक पद और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के दो रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में इच्छुक अधिवक्ताओं से निर्धारित प्रारूप में आवेदन मांगे गए हैं।आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।
इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।दो साल का कार्य विवरण देना होगा आवेदन करने वाले अधिवक्ताओं को अपने आवेदन के साथ पिछले दो वर्षों की अवधि का सत्यापित कार्य विवरण तीन प्रतियों में प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रपत्र में फौजदारी न्यायालयों में किए गए कार्य का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।इस विवरण में कुल कितने वादों का निस्तारण हुआ, पक्ष में कितने मामलों में निर्णय आया, विपक्ष में कितने मामलों का निर्णय हुआ और सफलता का प्रतिशत कितना रहा, इसकी जानकारी देनी होगी।
इसके अलावा अपील एवं रिवीजन से संबंधित मामलों का भी ब्यौरा देना होगा। इसमें सरकार की ओर से किए गए अथवा निजी लोगों की ओर से किए गए मामलों की संख्या, कुल मामलों की संख्या, कितने मामलों में सफलता मिली और कितने मामलों में असफलता मिली, इसका विवरण देना अनिवार्य होगा।अनुभव और उम्र की शर्तजिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) पद के लिए कम से कम 10 वर्ष का अनुभव तथा अपर/सहायक शासकीय अधिवक्ता पद के लिए कम से कम 7 वर्ष का अनुभव फौजदारी, राजस्व अथवा दीवानी न्यायालयों में वकालत का होना जरूरी है।
अभ्यर्थी की आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।आवेदक का किसी सरकारी या गैर-सरकारी वेतन भोगी पद पर कार्यरत नहीं होना चाहिए। यदि कोई अभ्यर्थी किसी कॉलेज में पूर्णकालिक प्रवक्ता, ओथ कमिश्नर, नोटरी, विवाह अधिकारी, एमिकस क्यूरी, काजी अथवा राजकीय अधिवक्ता के पद पर कार्यरत है तो उसे वर्तमान पद से त्यागपत्र देना होगा।निजी प्रैक्टिस पर भी रोकनियुक्त होने वाले सरकारी/शासकीय अधिवक्ता को निजी प्रैक्टिस करने का अधिकार नहीं होगा।
उन्हें शासन द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक ही दिया जाएगा। साथ ही राज्य कर्मचारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं उन्हें देय नहीं होंगी। शासन को निर्धारित अवधि के लिए की गई नियुक्ति को आवश्यकता पड़ने पर समाप्त करने का अधिकार भी रहेगा।
अभ्यर्थियों को अपने चरित्र, व्यावसायिक आचरण और आपराधिक इतिहास के संबंध में शपथ पत्र देना होगा। साथ ही पुलिस विभाग द्वारा जारी चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ लगाना होगा।आवेदन के साथ अधिवक्ता पंजीकरण प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र, पिछले तीन वर्षों में विधि व्यवसाय से प्राप्त आय और जमा किए गए आयकर का विवरण सहित आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां लगानी होंगी।जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि त्रुटिपूर्ण अथवा अधूरे आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
