राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ में तीनों तहसीलों में मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा
अस्पताल में आग, स्कूल में आपदा और स्टील परिसर में रासायनिक हादसे का किया गया अभ्यास; NDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दिखाया त्वरित समन्वय
हापुड़। आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और बचाव दल कितनी तत्परता से काम करते हैं और विभिन्न विभागों के बीच कितना बेहतर समन्वय है, इसे परखने के लिए शुक्रवार को जनपद हापुड़ की तीनों तहसीलों में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और धौलाना में अलग-अलग आपदा परिस्थितियों को काल्पनिक रूप से तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया।
हापुड़ तहसील में जिला संयुक्त अस्पताल परिसर में आग लगने की काल्पनिक घटना को लेकर मॉक ड्रिल हुई। सूचना मिलते ही संबंधित बचाव एवं राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और निर्धारित आपातकालीन कार्ययोजना के तहत कार्रवाई शुरू की। अग्निशमन दल ने आग पर काबू पाने का अभ्यास किया, जबकि बचाव दल ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया।
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने भी तत्काल आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सक्रिय करते हुए घायलों के प्राथमिक उपचार और चिकित्सा प्रबंधन का अभ्यास किया। वहीं पुलिस ने घटनास्थल की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को संभालने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया।इसी क्रम में गढ़मुक्तेश्वर तहसील के डीएम पब्लिक स्कूल में आपदा से संबंधित मॉक ड्रिल आयोजित की गई। वहीं धौलाना तहसील के सुख स्टील परिसर में रासायनिक आपदा की स्थिति को लेकर बचाव एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। इन अभ्यासों के दौरान संबंधित विभागों ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य केवल बचाव कार्य का अभ्यास करना नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय होने वाली चुनौतियों को पहले से पहचानना, संसाधनों की उपलब्धता जांचना और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। अधिकारियों ने काल्पनिक परिस्थितियों में टीमों की प्रतिक्रिया, रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखा।
मॉक ड्रिल में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर, एसडीएम हापुड़ प्रेमपाल सिंह, धौलाना एसडीएम कल्पना चौहान, गढ़मुक्तेश्वर एसडीएम श्रीराम यादव सहित तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।इसके अलावा फायर विभाग के सीएफओ अजय शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता, जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल की विशेष भूमिका रही। NDRF गाजियाबाद की आठवीं बटालियन, जिला आपात संचालन केंद्र की ICCC टीम, NCC कैडेट्स, होमगार्ड्स और आपदा मित्रों ने भी मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी की।जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में विभागों की तैयारियों को परखने का अवसर मिलता है।
साथ ही इससे राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने तथा जनहानि को न्यूनतम करने में मदद मिलती है।तीनों तहसीलों में एक साथ हुए इस अभ्यास ने साफ किया कि आपदा की स्थिति में केवल एक विभाग नहीं, बल्कि प्रशासन से लेकर पुलिस, फायर, स्वास्थ्य विभाग, NDRF और स्थानीय स्वयंसेवी टीमों का संयुक्त प्रयास ही राहत एवं बचाव अभियान को प्रभावी बना सकता है।
