राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
लंबित वादों के निस्तारण में देरी पर अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा, सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील में तालाबंदी की चेतावनी
हापुड़ धौलाना। जनपद हापुड़ की धौलाना तहसील परिसर में दाखिल-खारिज समेत अन्य वादों के लंबे समय से लंबित रहने को लेकर वीरवार को अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद सिसोदिया, पूर्व उपाध्यक्ष अनिल कुमार यादव समेत कई अधिवक्ता तहसीलदार कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लंबित फाइलों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई और मामलों का जल्द निस्तारण कराने की मांग की।इसके बाद अधिवक्ता उपजिलाधिकारी कल्पना सिंह चौहान के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को तहसील में लंबे समय से लंबित चल रहे वाद-विवादों की जानकारी दी और जल्द निस्तारण की मांग की। अधिवक्ताओं ने लेखपालों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत भी की। उनका कहना था कि राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने की मांग की।तहसील परिसर में बाइक चोरी का मुद्दा उठायाअधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में आए दिन होने वाली बाइक चोरी की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना था कि सीसीटीवी कैमरे चालू होने से चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की, ताकि न्यायालय संबंधी कार्यों के लिए आने वाले अधिवक्ताओं और फरियादियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो तालाबंदी की चेतावनीएसडीएम कल्पना सिंह चौहान ने अधिवक्ताओं को उनकी समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं, बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद सिसोदिया और सदस्य अभिषेक तोमर ने चेतावनी दी कि
यदि सोमवार तक लंबित वादों के निस्तारण को लेकर कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील में तालाबंदी कर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगें लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, शिकायतों पर जांच और तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना हैं। अब प्रशासन की ओर से लंबित मामलों और शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
