राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
बदनौली हत्याकांड पर गरमाई सियासत कुराना टोल पर राजेंद्र पाल गौतम और इमरान मसूद को रोका भड़के कांग्रेसी
दीपक जाटव के परिजनों से मिलने जा रहे थे कांग्रेस के यूपी प्रभारी और सांसद, रोकने के बाद टोल पर जमकर हंगामा—सीओ समेत कई थानों की फोर्स तैनात
हापुड़। जनपद हापुड़ की मोदीनगर रोड स्थित गांव बदनौली में दलित युवक दीपक जाटव हत्याकांड के बाद अब सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद को हाफिजपुर क्षेत्र के कुराना टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को रोके जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते टोल पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और माहौल गरमा गया।बताया गया कि कांग्रेस नेताओं का काफिला दीपक जाटव के परिवार से मुलाकात करने के लिए बदनौली जा रहा था। इसी दौरान कुराना टोल पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस की बैरिकेडिंग के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। कार्यकर्ताओं ने नेताओं को आगे जाने देने की मांग करते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में टोल परिसर में नारेबाजी और हंगामे का माहौल बन गया।नेताओं को रोकते ही बढ़ा आक्रोशराजेंद्र पाल गौतम और इमरान मसूद को रोकने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कांग्रेस नेता किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने नहीं, बल्कि हत्या के पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें ढांढस बंधाने जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें रास्ते में रोकना उचित नहीं है।मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत और तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए नेताओं को आगे नहीं जाने देने की बात कही, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेताओं को बदनौली तक जाने देने की मांग पर अड़े रहे।टोल पर जुटे कांग्रेस के कई बड़े नेतादीपक जाटव प्रकरण को लेकर कांग्रेस के कई नेता पहले भी बदनौली पहुंचने का प्रयास कर चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी संजीव आर्य, पूर्व विधायक गजराज सिंह, सचिन चौधरी, पंडित अरविंद शर्मा, दिनेश चंद शर्मा, मिथुन त्यागी, इरफान अहमद, रजनीश त्यागी समेत कई कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं।
पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली भी प्रकरण को लेकर पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आ चुके हैं।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दीपक जाटव के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस की ओर से पीड़ित परिवार की सुरक्षा, उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी उठाई गई है।सीओ समेत कई थानों की फोर्स रही तैनात कुराना टोल पर बढ़ती भीड़ और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। सीओ समेत कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।कांग्रेस नेताओं को रोके जाने के बाद टोल पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते रहे। दूसरी ओर पुलिस किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए मुस्तैद रही।बदनौली से कुराना टोल तक सियासी हलचलदीपक जाटव हत्याकांड के बाद बदनौली लगातार राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है।
पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर कांग्रेस के नेताओं के लगातार पहुंचने और पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के कारण मामला अब और ज्यादा गरमाता जा रहा है।कुराना टोल पर हुआ विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि दीपक जाटव हत्याकांड अब महज एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि इसके बाद सियासी टकराव भी तेज होता दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस जहां पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने और न्याय की आवाज बुलंद करने का दावा कर रही है, वहीं पुलिस-प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।फिलहाल कुराना टोल पर पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। नेताओं को रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दी। आने वाले समय में दीपक जाटव हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
