राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
हापुड़ SIMS में ₹25 हजार स्टाइपेंड पर बवाल, इंटर्न छात्रों के प्रदर्शन के बीच वीडियो वायरल
हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-9 स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज (SIMS) में इंटर्न छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। बताया जा रहा है कि इंटर्न छात्र पिछले करीब 36 घंटे से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी बीच कॉलेज परिसर के बाहर के हिस्से का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।₹12 हजार से ₹25 हजार हुआ सरकारी इंटर्नशिप स्त्तर स्टाइपेंड उत्तर प्रदेश सरकार ने MBBS और BDS की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के स्टाइपेंड को ₹12 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने की मंजूरी दी है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह बढ़ोतरी सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में रोटेटरी इंटर्नशिप करने वाले पात्र MBBS और BDS इंटर्न के लिए है।इसलिए ₹25 हजार का सरकारी स्टाइपेंड हर निजी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न पर स्वतः लागू होता है, ऐसा कहना उचित नहीं होगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में इसकी लागू स्थिति संबंधित नियमों और संस्थान की प्रकृति के आधार पर स्पष्ट होगी।स्टाइपेंड को लेकर इंटर्न छात्रों का प्रदर्शन SIMS के इंटर्न छात्रों की ओर से भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व में सामने आई रिपोर्टों में छात्रों की ओर से वर्तमान स्टाइपेंड को लेकर असंतोष जताया गया था और इसे ₹25 हजार किए जाने की मांग रखी गई थी। छात्रों की ओर से कॉलेज से जुड़ी कुछ अन्य शिकायतें और मांगें भी सामने आई थीं।
पूर्व के घटनाक्रम में कॉलेज प्रबंधन की ओर से भी छात्रों से बातचीत कर मामले को सुलझाने और उन्हें समझाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई थी।कॉलेज के बाहर का वीडियो वायरलइसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ इंटर्न छात्रों के साथ कॉलेज की ओर से आए एक टीचर और एक अन्य व्यक्ति बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो कॉलेज परिसर के बाहर के हिस्से का बताया जा रहा है। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती नजर आती है, लेकिन कुछ समय बाद माहौल गर्माता दिखाई देता है।वीडियो में टीचर की ओर से “मैंने आपको पढ़ाया है” कहते हुए भी सुनाई देता है।
इसके बाद कॉलेज की ओर से आए दूसरे व्यक्ति के नाराज होने की स्थिति दिखाई देती है। हालांकि बातचीत किस मुद्दे पर हुई और गर्मागर्मी की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह वीडियो से स्पष्ट नहीं है।मासूम बच्ची के गिरने का दृश्यवायरल वीडियो में एक मासूम बच्ची भी कुर्सी के पास दिखाई देती है। घटनाक्रम के दौरान बच्ची अचानक कुर्सी से नीचे जमीन पर गिरती नजर आती है। सोशल मीडिया पर इस दृश्य को लेकर बच्ची को धक्का दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि बच्ची किस वजह से गिरी।बच्ची के गिरने से ठीक पहले की परिस्थितियां भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा बच्ची को धक्का दिए जाने की बात को फिलहाल पुष्ट तथ्य के तौर पर कहना उचित नहीं होगा।बच्ची के जमीन पर गिरने के बाद उसके परिजनों की प्रतिक्रिया भी वीडियो में दिखाई देती है। इसके बाद एक परिजन की ओर से कुर्सी उठाकर फेंके जाने का दृश्य भी वीडियो में नजर आता है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच तनाव और हलचल दिखाई देती है।दोनों व्यक्ति पीछे के रास्ते से जाते दिखाई दिए वीडियो के आगे के हिस्से में कॉलेज की ओर से बातचीत के लिए आए टीचर और अन्य व्यक्ति वहां से वापस जाते दिखाई देते हैं।
दोनों व्यक्ति मुख्य गेट की ओर जाने के बजाय पीछे की तरफ से कॉलेज परिसर की ओर जाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पीछे के रास्ते का इस्तेमाल क्यों किया, इसका कारण वीडियो से स्पष्ट नहीं होता।वीडियो की तारीख और स्थान की पुष्टि बाकी महत्वपूर्ण बात यह है कि वीडियो को कॉलेज परिसर के बाहर का बताया जा रहा है, लेकिन यह वीडियो वास्तव में कब रिकॉर्ड किया गया और सटीक रूप से कहां का है, इसकी स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति या पक्ष की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कॉलेज प्रशासन का पक्षकॉलेज प्रबंधन की ओर से मीडिया कार्य देख रहे दीपक शर्मा के मुताबिक, ₹25 हजार मासिक स्टाइपेंड दिए जाने का सरकार की ओर से प्रावधान नहीं होने की बात कही गई है। प्रबंधन की ओर से यह भी बताया गया कि प्रदर्शन कर रहे इंटर्न छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं, सरकारी निर्णय के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में रोटेटरी इंटर्नशिप करने वाले MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹12 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार किया गया है।
SIMS के इंटर्न छात्रों पर यह व्यवस्था किस रूप में लागू होती है, यह संबंधित शासनादेश और संस्थान की संस्थागत स्थिति के आधार पर स्पष्ट होना बाकी है।आज वायरल हुए वीडियो को लेकर कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।फिलहाल इंटर्न छात्रों का प्रदर्शन जारी है। एक ओर स्टाइपेंड को लेकर छात्रों की मांग है, वहीं दूसरी ओर कॉलेज परिसर के बाहर का बताया जा रहा वायरल वीडियो मामले को और चर्चा में ले आया है। बच्ची के गिरने की वास्तविक वजह, बातचीत के दौरान गर्मागर्मी की शुरुआत और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका संबंधित पक्षों के बयान और जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
