राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ :
किसानों के पीटी डब्ल्यू बिलों के समाधान के लिए दो चरणों में खुलेगा समाधान पोर्टल, प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने की समीक्षा बैठक
हापुड़, 1 सितम्बर। किसानों के पीटी डब्ल्यू विद्युत बिलों के संशोधन एवं समाधान को लेकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने हापुड़ में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी कविता मीणा (आईएएस) भी मौजूद रहीं। बैठक के दौरान किसानों के गलत विद्युत बिलों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि किसानों की बिल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके तहत पीटी डब्ल्यू विद्युत बिलों के समाधान के लिए समाधान पोर्टल दो चरणों में खोला जाएगा। पहले चरण में 15 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक तथा दूसरे चरण में 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक किसान पोर्टल के माध्यम से अपने प्रकरणों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित खण्ड कार्यालयों में विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इन काउंटरों पर किसानों को पोर्टल पर आवेदन करने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। अधिशासी अभियंताओं और उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल खुलने की तिथियों, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के संबंध में किसानों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
अधिकारियों को पोर्टल की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशन, एसएमएस के माध्यम से सूचना तथा खण्ड कार्यालयों में बैनर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने प्रकरण से संबंधित प्रमाणित साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही पोर्टल पर आवेदन करें, जिससे उनके मामले का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जा सके।
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता का वर्जन
“किसानों की विद्युत बिल संबंधी समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और नियमानुसार समाधान हमारी प्राथमिकता है। पोर्टल के माध्यम से किसानों को सरल व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारी किसानों को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी दें तथा प्राप्त प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।”
