राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ / पिलखुवा

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संस्कृत के गौरव से गूंजा जी.एस. आयुर्वेद महाविद्यालय, संस्कारों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण का विद्यार्थियों ने लिया संकल्प

पिलखुवा। जी.एस. विश्वविद्यालय के अंतर्गत जी.एस. आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में संस्कृत क्लब के तत्वावधान में संस्कृत दिवस समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में संस्कृत भाषा के महत्व, भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और संस्कारों को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण गोयल की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण गोयल ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और जीवन मूल्यों की समृद्ध धरोहर है। संस्कृत हमें जीवन जीने के उच्च आदर्श, अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देने और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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विद्यालय के उपनिदेशक मनोज सिंह सिसोदिया ने कहा कि संस्कृत भारत की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा की मजबूत आधारशिला है। संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी केवल शिक्षकों की नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना पैदा करते हैं। उन्होंने संस्कृत क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान संस्कृत भाषण, संस्कृत गीत एवं शब्दरूप प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी संस्कृत भाषा की समझ, स्मरण शक्ति तथा प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। शब्दरूप प्रतियोगिता में बैच 2025-26 के शिवम ने प्रथम स्थान, अक्षा ने द्वितीय स्थान तथा इल्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता में डॉ. प्रज्ञा शर्मा एवं डॉ. नूपुर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं कार्यक्रम का संचालन संस्कृत क्लब के सचिव श्री राम प्रताप यादव के निर्देशन में दीप्ति एवं मनीष ने किया।

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इस अवसर पर डॉ. संदीप फुंडे, डॉ. मनोज यादव, डॉ. ऊषा सिंह, डॉ. मधु भारद्वाज, डॉ. पायल सहित महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह ने विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जुड़ने का प्रभावशाली संदेश दिया।