राष्ट्र संवाद टाइम्स : Ajay Verma :

📢 Join Our WhatsApp Group

ताज़ा खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

Join Now

गन्ना समिति की वार्षिक सभा में किसानों का विरोध, खरीद केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों पर उठाए सवाल

हापुड़। नवीन मंडी स्थित गन्ना समिति की वार्षिक सभा में शनिवार को उस समय स्थिति असहज हो गई, जब खरीद केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों को लेकर किसानों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति की वार्षिक सभा में उनके पक्ष को पर्याप्त रूप से रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा था। किसानों ने गन्ना खरीद केंद्रों से संबंधित प्रस्तावों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए व्यवस्था में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की मांग की।

प्रस्तावों को लेकर किसानों ने जताई नाराजगी

शनिवार को नवीन मंडी परिसर में आयोजित गन्ना समिति की वार्षिक सभा में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे। बैठक में खरीद केंद्रों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई तो किसानों ने अपनी आपत्तियां सामने रखीं। किसानों का कहना था कि गन्ना खरीद केंद्र किसानों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं, इसलिए इनके संबंध में निर्णय लेने से पहले किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

Also Read  नाला बंद खेत जलमग्न और फसलें बर्बाद—किसानों के सामने भुखमरी का संकट

बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि बैठक में उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा था। इसी को लेकर किसानों ने विरोध दर्ज कराया। विरोध बढ़ने की सूचना पर भाकियू (टिकैत) एनसीआर के अध्यक्ष युवा एकलव्य सिंह सहारा मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और समिति के पदाधिकारियों के समक्ष उनकी बात रखने में मध्यस्थता की।

मध्यस्थता के बाद दोबारा शुरू हुई सभा

मामले में मध्यस्थता के बाद सभा की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई गई। इसके बाद चेयरमैन कुण्णाल चौधरी ने किसानों की समस्याओं और खरीद केंद्रों से संबंधित प्रस्तावों को सुना। किसानों ने बैठक में अपनी आपत्तियां और सुझाव विस्तार से रखे। इस दौरान गन्ना खरीद केंद्रों की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

किसानों ने रखीं समस्याएं और सुझाव

किसानों ने कहा कि गन्ना खरीद व्यवस्था सीधे तौर पर उनकी फसल की बिक्री और भुगतान से जुड़ी है। ऐसे में खरीद केंद्रों से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर निर्णय लेते समय किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसानों ने अपनी स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ खरीद केंद्रों की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिए।

Also Read  हापुड़ में सरकारी यूरिया की बड़ी बरामदगी 184 कट्टों ने खोली संदिग्ध भंडारण की परत जांच तेज

वार्ता के बाद किसानों ने जताया संतोष

काफी देर तक चली बातचीत और किसानों की समस्याएं सुने जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। वार्ता के बाद किसानों ने संतोष जताया। इसके बाद सभा की कार्यवाही आगे बढ़ी। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किसानों का कहना था कि समिति की बैठकों में किसानों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, ताकि गन्ना खरीद व्यवस्था से जुड़े फैसले जमीनी परिस्थितियों और किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिए जा सकें।

स्थान : नवीन मंडी, हापुड़