राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
सिविल कोर्ट के बाहर मारपीट से मचा हड़कंप, एक नामजद सहित चार पर मुकदमा दर्ज
हापुड़ गढ़मुक्तेश्वर। जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित सिविल कोर्ट के बाहर मारपीट और जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक नामजद आरोपी समेत तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना आरंभ कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है
कार सवारों पर गाली-गलौज करने का आरोप बदरखा निवासी अनीस पुत्र शाकिर की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को वह करीब दोपहर 1:30 बजे अपने बेटे तालिब के साथ गढ़मुक्तेश्वर सिविल कोर्ट पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान इन्द्रानगर निवासी सलमान पुत्र मतलूब अपनी कार संख्या UP37Y5097 से तीन अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट का आरोपशिकायत के अनुसार, सलमान और उसके साथ आए लोगों ने अनीस तथा उसके बेटे तालिब के साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट कर दी। घटना में दोनों को चोटें आने का दावा किया गया है।
मामले के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।घटना के बाद धमकी देने का भी आरोप तहरीर में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के बाद आरोपी मौके से रवाना होते समय शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देकर चले गए। घटना के बाद अनीस ने पुलिस को तहरीर देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए प्रकरण दर्ज किया।एक नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पुलिस ने तहरीर के आधार पर सलमान पुत्र मतलूब तथा तीन अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक प्रियंशु कुमार को सौंपी गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है और उपलब्ध तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।पुलिस बोली—जांच के आधार पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विधिक प्रक्रिया के तहत विवेचना की जा रही है।
घटनाक्रम से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों, परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
