राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसी किशोरी, तस्वीरों की धमकी से डेढ़ साल तक उत्पीड़न का गंभीर आरोप
हापुड़। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी को आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर लंबे समय तक उत्पीड़न किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि तस्वीरें वायरल कर बदनाम करने की धमकी देकर किशोरी को लगातार भय के साये में रखा गया।रिश्तेदारी में शुरू हुआ कथित ब्लैकमेलिंग का सिलसिला पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, किशोरी पिछले वर्ष अपनी बड़ी बहन की ससुराल गई थी।
आरोप है कि इसी दौरान आरिफपुर निवासी कासिफ ने खेत में उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद कथित तौर पर इन्हीं तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर किशोरी पर दबाव बनाया गया।तस्वीरें वायरल करने की धमकी बनी दबाव का हथियारपरिजनों का आरोप है कि तस्वीरें वायरल कर बदनाम करने का डर दिखाकर किशोरी को चुप रहने के लिए मजबूर किया गया।
इसी भय का फायदा उठाकर आरोपी द्वारा उसके साथ कई बार गलत व्यवहार और उत्पीड़न किए जाने का आरोप है। बदनामी के डर से किशोरी लंबे समय तक घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी।दूसरे युवक पर भी गंभीर आरोप मामले में कासिफ के साथी महताब का नाम भी सामने आया है। शिकायत के अनुसार, महताब पर भी किशोरी को धमकाकर उसका उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।होटल ले जाने और गलत काम का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि 12 सितंबर 2026 को कासिफ किशोरी को हापुड़ के एक होटल में ले गया, जहां उसके साथ गलत काम किया गया। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
डेढ़ साल बाद परिवार के सामने आया पूरा मामला लगातार भय और मानसिक दबाव के बीच रह रही किशोरी ने आखिरकार हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने शुरू की गंभीरता से जांच थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, मामले में किसी भी तथ्य की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
