राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
पिलखुवा में वैदिक मंत्रों से गूंजा आर्य समाज मंदिर, आहुतियों के साथ सुख-शांति और विश्व कल्याण की उठी मंगलकामना
आर्य समाज के 50वें वार्षिकोत्सव में श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा समागम, यजुर्वेद मंत्रोच्चार के बीच हुआ यज्ञ का शुभारंभ
हापुड़। पिलखुवा। आर्य समाज मंदिर के 50वें वार्षिकोत्सव के शुभारंभ अवसर पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ की पवित्र अग्नि और श्रद्धालुओं की आस्था से वातावरण भक्तिमय हो उठा। यजुर्वेद के पावन मंत्रों के उच्चारण के बीच विधि-विधान से वैदिक यज्ञ का शुभारंभ किया गया। यज्ञ की अग्नि में आहुतियां अर्पित करते हुए श्रद्धालुओं ने सुख-शांति, समृद्धि, निरोगी जीवन और विश्व कल्याण की मंगलकामना की।
गुरुकुल पूठ से आए ब्रह्मचारियों के वेदपाठ से आर्य समाज मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के भाव से सराबोर नजर आया।यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियां, वेद मंत्रों से गूंजा मंदिर परिसरवार्षिकोत्सव के अंतर्गत आयोजित यज्ञ में श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव और आस्था के साथ सहभागिता की। वैदिक परंपराओं के अनुरूप यज्ञ की अग्नि में आहुतियां समर्पित कर मानव कल्याण, परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में शांति की प्रार्थना की गई।
गुरुकुल पूठ से पहुंचे ब्रह्मचारियों ने वेदपाठ के माध्यम से धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। यज्ञ के दौरान मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं को वैदिक संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया।गौरव शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुआ वैदिक अनुष्ठानयज्ञ के ब्रह्मा गौरव शास्त्री के निर्देशन में वैदिक विधि-विधान के साथ अनुष्ठान कराया गया।
यजमानों ने परिवार सहित यज्ञ में भाग लेकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। सुनील गर्ग लोहे वाले, विजय कुमार सिंघल, रवींद्र उत्साही, अजय कुमार अग्रवाल, आशीष सिंघल और निशी माहेश्वरी ने परिवार सहित यजमान के रूप में सहभागिता की। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने आस्था और श्रद्धा के साथ वैदिक मंत्रों का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
22 से 27 सितंबर तक भजन और वैदिक प्रवचन से सजेगी धर्मसभाआर्य समाज की ओर से बताया गया कि 50वें वार्षिकोत्सव के तहत 22 से 27 सितंबर तक रात्रि में भजन, वैदिक प्रवचन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को वैदिक विचारधारा, आध्यात्मिक ज्ञान और धार्मिक संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
वार्षिकोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा।28 सितंबर को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा वार्षिकोत्सव आर्य समाज मंदिर के वार्षिकोत्सव के तहत चल रहे धार्मिक आयोजन का समापन 28 सितंबर को पूर्णाहुति के साथ होगा। इस अवसर पर यज्ञ की पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
यज्ञ के शुभारंभ के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों के बीच आयोजित कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति एवं धार्मिक आस्था से जोड़ा।
