राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़/पिलखुवा:
हापुड़ में मिलावटखोरों के मंसूबों पर प्रशासन का प्रहार, 54 क्विंटल संदिग्ध पनीर पकड़ा; दिल्ली-एनसीआर में खपाने की थी तैयारी
हापुड़। त्योहारों की आड़ में लोगों की थाली तक कथित मिलावट का जहर पहुंचाने की तैयारी पर हापुड़ प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छिजारसी टोल प्लाजा पर कार्रवाई करते हुए तीन वाहनों से करीब 54 क्विंटल यानी 5,400 किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद किया। जांच के दौरान पनीर की हालत बेहद अस्वच्छ और अनहाइजीनिक मिली। विभाग ने करीब 14 लाख रुपये कीमत के पूरे पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने मिलावट के उस नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में उतारने की तैयारी में था। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर की बरामदगी से साफ है कि मामला किसी छोटी-मोटी खेप का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आपूर्ति की कोशिश का था।
26 अगस्त की रात टोल पर चेकिंग के दौरान खुला मामला। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम टोल ड्यूटी के दौरान वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली गई। वाहनों के पिछले हिस्से खोले गए तो भारी मात्रा में पनीर भरा मिला। पनीर की स्थिति देखकर अधिकारियों ने तत्काल उसकी जांच शुरू की।
मौके पर पनीर बेहद खराब, बदबूदार और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा मिला। खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर संदेह पैदा होने पर टीम ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन दूध और पांच पनीर समेत कुल आठ नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट से पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलावट की स्थिति और स्पष्ट होगी।
बाजार में पहुंचने से पहले ही दफन कर दी गई 14 लाख की खेप। संदिग्ध पनीर को बाजार में उतरने देने के बजाय खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर जेसीबी बुलवाई। गड्ढा खुदवाकर करीब 54 क्विंटल पनीर को मिट्टी में दबाकर नष्ट करा दिया गया। यानी जिस खेप को त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी थी, वह बाजार तक पहुंचने से पहले ही प्रशासन की कार्रवाई की भेंट चढ़ गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पनीर की यह खेप मुरादाबाद और संभल की ओर से दिल्ली-एनसीआर की तरफ ले जाई जा रही थी। इससे यह भी सवाल उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर की आपूर्ति के पीछे कौन लोग हैं और इसकी सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा चंद्रशेखर मिश्र के अनुसार 26 अगस्त की रात चेकिंग के दौरान तीन वाहनों से करीब 54 क्विंटल पनीर बरामद हुआ। पनीर मिलावटी और अनहाइजीनिक स्थिति में पाया गया, जिसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और पूरी खेप को मौके पर नष्ट करा दिया गया। विभाग ने साफ किया है कि मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
त्योहारों के बीच हुई इस कार्रवाई ने मिलावटखोरों को सीधा संदेश दिया है—लोगों की थाली से खिलवाड़ करने वाली संदिग्ध खाद्य सामग्री बाजार तक पहुंचने से पहले ही प्रशासन की नजर में आ सकती है।

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