पिलखुवा। जनपद हापुड़ की पिलखुवा कोतवाली पुलिस ने एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया, जिसने साबित कर दिया कि यदि पुलिस पूरी गंभीरता, रणनीति और समर्पण के साथ काम करे तो हर चुनौती का समाधान संभव है। तीन नाबालिग छात्राओं के एक साथ लापता होने का मामला देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में चिंता का विषय बन गया था, लेकिन पिलखुवा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों छात्राओं को अलग-अलग शहरों से सकुशल बरामद कर अपनी दक्षता और पेशेवर कार्यशैली की मिसाल पेश कर दी।

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मामला पिलखुवा के वार्ड नंबर-12 स्थित प्रहलाद नगर का है। शुक्रवार को 11वीं कक्षा की एक छात्रा स्कूल की फीस जमा करने की बात कहकर घर से निकली थी। कुछ देर बाद पता चला कि उसकी दो नाबालिग सहेलियां भी घर से बाजार जाने की बात कहकर निकली थीं और वापस नहीं लौटीं। तीनों किशोरियों के एक साथ गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया। देर रात तक खोजबीन के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली, जिसके बाद शनिवार सुबह कोतवाली पिलखुवा में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी अतुल चौहान ने तत्काल पुलिस क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया। शुरुआती तौर पर यह माना जा रहा था कि तीनों छात्राएं एक साथ होंगी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो तस्वीर बिल्कुल अलग निकली। पुलिस को पता चला कि तीनों छात्राएं अलग-अलग दिशाओं में चली गई थीं। एक छात्रा मेरठ में अपनी बहन के पास मिली, दूसरी नोएडा में अपनी बहन के यहां पहुंच गई थी, जबकि तीसरी छात्रा मथुरा में मिली। तीन अलग-अलग शहरों और तीन अलग-अलग दिशाओं में पहुंच चुकी छात्राओं का एक साथ पता लगाना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था।


इसके बावजूद पिलखुवा पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड ऑपरेशन के दम पर तीनों छात्राओं का सटीक लोकेशन ट्रेस किया और महज 24 घंटे के भीतर सभी को सकुशल बरामद कर लिया। इस सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

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यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि पिलखुवा पुलिस ने इस मामले को केवल एक गुमशुदगी नहीं माना, बल्कि मिशन मोड में काम करते हुए हर संसाधन का उपयोग किया। तीन अलग-अलग शहरों में पहुंच चुकी नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित बरामद करना पुलिस की सतर्कता, त्वरित रणनीति और समन्वित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।