राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ :
सरकारी रिकॉर्ड में ‘मौत’ का फर्जी खेल! कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बरामद, पिलखुवा पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा :
पिलखुवा। सरकारी रिकॉर्ड में कथित कूटरचना कर मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराने के मामले में पिलखुवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुरुषों समेत एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से अंगूरी देवी के नाम से तैयार किया गया कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बरामद हुआ है। दस्तावेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने के पीछे असली मकसद क्या था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
थाना पिलखुवा में दर्ज मु0अ0सं0 237/2026, धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस में वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने विष्णु प्रताप पुत्र स्व. भोजवीर, निवासी ग्राम शाहपुर फगौता, हाल पता सेक्टर-3 ग्रेटर नोएडा, उम्र करीब 22 वर्ष, जंगबहादुर पुत्र स्व. ओमप्रकाश, निवासी ग्राम शाहपुर फगौता, हाल पता सेक्टर-3 ग्रेटर नोएडा, उम्र करीब 63 वर्ष तथा नम्रता पत्नी स्व. भोजवीर, उम्र करीब 42 वर्ष को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक बरामद मृत्यु प्रमाणपत्र में अंगूरी देवी की मृत्यु की तारीख 13 मार्च 2023 अंकित है, जबकि प्रमाणपत्र पर 23 मई 2023 की रजिस्ट्रेशन एवं जारी होने की तारीख दर्ज है। दस्तावेज को उप स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर फगौता, गाजियाबाद के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा जारी होना दर्शाया गया है। पुलिस की जांच में प्रमाणपत्र प्रथम दृष्टया कूटरचित पाया गया है।
मामले में पुलिस ने आरोपियों व महिला आरोपी नम्रता को पिलखुवा फ़गोता रोड पर आनंदा डेरी पुलिया से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि उसके कब्जे से कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बरामद हुआ। अब जांच का दायरा इस बात तक पहुंच गया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका थी और इसका इस्तेमाल किसी सरकारी अथवा निजी लाभ के लिए किया गया या नहीं।
कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार बालियान के नेतृत्व में कार्रवाई
कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार बालियान ने बताया कि वांछित आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बरामद हुआ है। मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और दस्तावेज से जुड़े अन्य तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार बालियान, उपनिरीक्षक रेखा भदौरिया, उपनिरीक्षक इजहारुल इस्लाम, हेड कांस्टेबल अंकित सैनी और हेड कांस्टेबल अंकित राणा शामिल रहे।
मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज में कथित कूटरचना का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे केवल गिरफ्तार आरोपी थे या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
